जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड की छह पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सामाजिक अंकेक्षण किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पूर्ण, अपूर्ण और संचालित योजनाओं की गुणवत्ता, मजदूरी भुगतान, अभिलेख संधारण और कार्यस्थल की स्थिति की गहन जांच की गई। इस अंकेक्षण में मेडबंदी, तालाब, टीसीबी, आम बागवानी, पशु शेड, बकरी शेड और खेल मैदान जैसी विभिन्न मनरेगा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। गुरुवार को चंदड़ीह लखनपुर, चंपापुर, ढाभाकेंद्र, देवालबाड़ी, दिघारी और झिलवा पंचायतों में पंचायत स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इन जनसुनवाइयों में पंचायत स्तरीय पदाधिकारी, सोशल ऑडिट टीम और प्रखंड स्तरीय जूरी दल मौजूद रहे। वित्तीय वर्ष से संबंधित सभी मामलों का यहीं पर निष्पादन किया गया। अंकेक्षण के दौरान देवालबाड़ी पंचायत में 22 मामलों में 2,700 रुपए का जुर्माना लगाया गया, लेकिन यहां कोई वसूली नहीं हुई। दिघारी पंचायत में 22 मामलों पर 3,025 रुपए का जुर्माना और 1,034 रुपए की वसूली की गई। झिलवा पंचायत में 33 मामलों में 4,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया, हालांकि यहां भी कोई वसूली नहीं हो सकी। चंदड़ीह लखनपुर पंचायत में 22 मामलों में सर्वाधिक 14,350 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 2,500 रुपए की वसूली हुई। चंपापुर पंचायत में 35 मामलों पर 4,000 रुपए का जुर्माना और 4,300 रुपए की वसूली की गई। ढाभाकेंद्र पंचायत में 29 मामलों में 6,002 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जहां 4,911 रुपए की वसूली हुई। यह प्रखंड में सर्वाधिक वसूली राशि रही। कुल मिलाकर, नारायणपुर प्रखंड की इन छह पंचायतों में 163 मामलों में 34,077 रुपए का जुर्माना लगाया गया और 12,745 रुपए की वसूली की गई। सोशल ऑडिट टीम द्वारा यह जुर्माना और वसूली राशि संबंधित पंचायत कर्मियों से वसूल की गई है। सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य उद्देश्य मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, अनियमितताओं और खामियों को उजागर करना तथा पंचायत स्तर पर उनका त्वरित समाधान करना है। पंचायत स्तर पर निपटाए गए मामलों को बाद में प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई में प्रस्तुत कर अंतिम निष्पादन किया जाता है। मौके पर दिघारी पंचायत के मुखिया बाबूलाल किस्कू एवं चंपापुर पंचायत के उपमुखिया अकमल अंसारी ने बताया कि पंचायत स्तरीय जनसुनवाई के माध्यम से सभी मामलों का निष्पादन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में गड़बड़ी पाई गई, वहां संबंधित रोजगार सेवक एवं अन्य कर्मियों पर जुर्माना एवं रिकवरी कर समस्याओं का समाधान किया गया। उल्लेखनीय है कि चंदड़ीह लखनपुर पंचायत में जनसुनवाई निर्धारित समय सुबह 11 बजे के बजाय लगभग 12 बजे प्रारंभ हुई। वहीं, कई ग्रामीणों ने जनसुनवाई की पूर्व सूचना नहीं मिलने को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की।


