भास्कर न्यूज | ब्यावर भले ही मकर संक्रांति से मलमास खत्म हो गया, लेकिन अभी 19 दिन और शादी की शहनाइयां बजने का इंतजार करना होगा। शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण जनवरी में कोई लग्न मुहूर्त नहीं है। सिर्फ बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त है। शुक्र ग्रह 1 फरवरी तक अस्त रहेगा। इसके उदित होने के बाद 4 फरवरी को सीजन का पहला लग्न सावा होगा। पूरे साल में 53 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। 23 जनवरी को बसंत पंचमी सहित 9 अबूझ सावे रहेंगे। आमतौर पर मकर संक्रांति के बाद शादी विवाह की शुरुआत हो जाती है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पहले मलमास थे, अब शुक्र तारा अस्त होने के कारण शादी विवाह पर 20 दिन के लिए ब्रेक लगा हुआ है। बसंत पंचमी पर पांच हजार से ज्यादा जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। जिलेभर में 8 हजार शादियां होगी। फरवरी: 4, 6,10,19 व 20 मार्च: 9,10 व 11 अप्रैल: 19, 20, 21, 25, 26, 29 व 30 मई: 3, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 13 व 14 जून: 19, 20, 22, 23, 24, 26, 27 व 29 जुलाई: 1, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11 व 12 नवंबर: 21, 22, 24, 25, 26 व 30 दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 11 व 12 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से लगेगा शादियों पर विराम पंडितों के अनुसार इस साल 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी रहेगी। इस दिन से शादियों पर नवंबर तक विराम लग जाएगा। 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त के साथ फिर शहनाइयां गूंजेंगी। नवंबर और दिसंबर में 6-6 सावे रहेंगे। 23 जनवरी: बसंत पंचमी 19 फरवरी: फुलेरा दूज 26 मार्च: रामनवमी 19 अप्रैल : आखातीज 25 अप्रैल: जानकी नवमी 1 मई: पीपल पूर्णिमा 25 मई: गंगा दशहरा 22 जुलाई: भड़ली नवमी 20 नवंबर: देवउठनी एकादशी (विवाह मुहूर्त विभिन्न पंचांग की गणना और दिन रात के लग्न अनुसार- पं. दिनेश मिश्रा) शादी को लेकर बूकिंग शुरू देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का शुभारंभ होते ही विवाह समारोहों की संख्या में तेजी आने की संभावना है। इसी को देखते हुए बैंक्वेट हॉल, मैरिज गार्डन और होटलों की बुकिंग अभी से शुरू हो गई है।


