उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से शुरू होना है। इसको लेकर श्रद्धालुओं के जत्थे का प्रयागराज के लिए प्रस्थान होने का शिलशिला प्रारम्भ हो गया है। देश-विदेश के कोने-कोने से लोग इस शाही स्नान को लेकर काफी उत्सुक हैं। बुधवार को कोडरमा ध्वजाधारी धाम के महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज अपने जत्थे के साथ साही स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए। उनके प्रस्थान से पूर्व उनके भक्तों ने कोडरमा जिले के अलग-अलग जगहों पर उन्हें माला पहनाकर विदाई दी और उनके जयकारे लगाए। इस महाकुंभ में झारखंडवासियों के लिए लगने वाले टेंट का गौरव कोडरमा जिले के महामंडलेश्वर को मिला है। इसकी पूरी देख-रेख कोडरमा के महामंडलेश्वर द्वारा की जाएगी। इससे कोडरमा वासियों के लिए यह महाकुंभ और भी खास हो गया है। कर्दम खालसा कोडरमा के श्रद्धालुओं की सुविधा का रखेगी ध्यान
12 वर्षों के बाद लगने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक अनुष्ठान महाकुंभ मेले में कोडरमा से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा का इंतजाम कर्दम खालसा द्वारा किया जाएगा। श्री पंच निर्मोही अनि अखाड़ा महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज ध्वजाधारी धाम ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुंभ मेले का इतिहास हजारों साल पुराना है। कुंभ स्नान का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति कुंभ में स्नान करता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। महाकुंभ में तीन शाही स्नान
उन्होंने बताया कि इस बार के कुंभ मेले में तीन शाही स्नान होगा। पहला शाही स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन, दूसरा शाही स्नान 29 जनवरी मौनी अमावस्या के दिन व तीसरा शाही स्नान 3 फरवरी बसंत पंचमी के दिन होगा। शाही स्नान निर्धारित दिनों पर अखाड़ों के संतों और उनके शिष्यों या तपस्वियों के स्नान को कहा जाता है।


