जोधपुर में 93 साल पहले बना महात्मा गांधी हॉस्पिटल हाईटेक होता जा रहा है। कुछ साल पहले तक अस्पताल में जहां कई बार मरीज के परिजनों की जेब काटने और मोबाइल चोरी जैसी घटनाएं सामने आती थी, लेकिन अब अस्पताल में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तीसरी आंख नजर रख रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल में अभय कमांड की तर्ज पर एक कैमरा कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से पूरे अस्पताल की गतिविधियों को मॉनिटर किया जाता है। दैनिक भास्कर से बात करते हुए अस्पताल के नर्सिंग सुपरिटेंडेंट और कैमरा सेंटर के इंचार्ज महिपाल सिंह ने बताया- यहां पर वर्तमान में 232 कैमरे लगाए गए हैं। इसे 24 घंटे मॉनिटर किया जाता है। अस्पताल में से तीन अलग-अलग कमांड सेंटर बनाए गए हैं, जिसमें नर्सिंग अधिकारी राउंड द क्लॉक ड्यूटी करते हैं। इसमें 15 से लेकर 30 दिन तक का स्टोरेज रहता है। खास बात यह है कि इससे अस्पताल में आने वाली भीड़ से लेकर अस्पताल में डॉक्टर आए या नहीं आए, नर्सिंग स्टाफ से लेकर तमाम व्यवस्थाओं की निगरानी रखी जा रही है। तीन जगह कैमरा कंट्रोल सेंटर बनाया गया खासतौर पर रात के समय कई बार मरीज के परिजन अस्पताल परिसर में सोते हैं। ऐसे में उनकी जेब से मोबाइल और रुपए चोरी नहीं हो उसको लेकर भी ध्यान रखा जाता है। अस्पताल में असामाजिक तत्व नहीं आए। इसको लेकर भी 24 घंटे यहां पर तीन अलग-अलग जगह पर कैमरा कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। जहां से मॉनिटरिंग की जाती है। इसमें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर टीम मौके पर पहुंचकर संदिग्ध से पूछताछ करती है। यदि टीम संतुष्ट नहीं होती है तो उसको लेकर पुलिस को सूचना दी जाती है। इसी वजह से यहां पर अब मरीज और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती जा रही है। अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर फतेह सिंह भाटी ने बताया- प्रिंसिपल डॉक्टर बीएस जोधा के मार्गदर्शन में यहां पर कई नवाचार किया जा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीज और परिजनों की सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां पर कैमरे का एक सेंटर बनाया गया है। जिसके जरिए पूरे अस्पताल की मॉनिटरिंग की जा रही है और अवांछनीय घटनाओं को भी रोका जा सके। बता दे कि महात्मा गांधी हॉस्पिटल की स्थापना साल 1932 में हुई थी उसे समय यहां पर जोधपुर का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र था यहां पर वर्तमान में फिजिशियन, बर्न यूनिट सहित कई अलग अलग यूनिट भी चलाई जा रही है।


