महापौर सम्मेलन: 16 नगरीय निकायों के 13 मेयर शामिल हुए:महापौरों की पीड़ा; टैक्स बढ़ाने में दिक्कत, प्रोजेक्ट तो मिलते हैं, लेकिन बजट नहीं

ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स की मध्यप्रदेश इकाई की पहली बैठक इंदौर में सोमवार को हुई। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई बैठक में 16 नगरीय निकायों के 13 महापौर शामिल हुए। चुंगी कर की राशि बढ़ाने, कर्मचारियों की नियुक्ति, टैक्स बढ़ाने में आ रही दिक्कतें, बजट संबंधी विषयों सहित 10 सूत्री मांग पत्र बनाया गया है। महापौरों ने पीड़ा जताई कि सरकार से विभिन्न योजनाओं का बजट समय पर नहीं मिल पाता। चुंगी कर की राशि की स्थिति भी यही है। स्टाफ की भी कमी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले कि नगरीय निकाय पर्यटन स्थल की श्रेणी में आता है, उसका रोडमैप बनाने के प्रस्ताव को भेजने की सहमति बनी। मंच पर नगरीय प्रशासन विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, विधायक गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा आदि मौजूद थे। इससे पहले सुबह सुबह 7 बजे पंचकुइया स्थित श्रीराम मंदिर रामघाट पर योग-प्राणायाम से सम्मेलन की शुरुआत हुई। यहां सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल, संत रामगोपाल महाराज, एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ल, स्थानीय पार्षद संध्या यादव और भारत रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह प्रस्ताव तैयार… बिजली के लिए सौर ऊर्जा का बढ़ावा देना परेशानी ये भी… सीवर, वाटर लाइनों के लिए सड़कें खोदीं, अब सुधार के लिए पैसा नहीं आबादी अधिक है और कर्मचारी उतने नहीं हैं। जितने संसाधन हैं, उससे सभी मिलकर शहर को स्वच्छ बनाने का काम कर रहे हैं। आबादी 25 लाख है। 8 हजार सफाईकर्मी हैं। समय-समय पर बजट मिलता है। इंदौर में जितने उद्योग हैं, वहां उतना उद्योग व विकास वैसा नहीं है। तालाब और ग्रीनरी के मामले में भोपाल इंदौर से आगे है। – मालती राय, भोपाल तीन लाख की आबादी है। 650 सफाईकर्मी हैं। मैन पॉवर की कमी तो है ही। सीएम ने हमें संबोधित करते हुए प्रेरित किया है कि आत्मनिर्भर बनें। आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कहा गया है। जितनी ग्रांट नियमित मिलती है, उसमें कमी है। उसके लिए भी प्रयास कर रहे हैं। – गीता अग्रवाल, देवास प्रदेश में हमारा 13वां नंबर था। इस बार कोशिश कर रहे है कि रैंकिंग सुधरेगी। ढाई साल में 300 करोड़ के काम किए है। गंगासागर में संभाग का सबसे बड़ा परिवहन पार्क बना रहे हैं। आर्थिक चुनौतियां तो सभी निकायों के सामने है। चुंगीकर के मामले में सभी महापौर 8 मार्च को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। शहर में जनता जाग्रति बहुत है। – प्रहलाद पटेल, रतलाम इंदौर से हम प्रेरणा लेते हैं। इंदौर की आम जनता का सहयोग ज्यादा है। जनता स्वयं जागरूक है, इसलिए हमेशा यह नंबर 1 आता है, इसकी तुलना में हमारे शहर में जागरूकता की कमी है। स्कूल व कॉलेज के बच्चे जागरूक हैं, लेकिन काम करने की आवश्यकता है। – अमृता यादव, खंडवा इंदौर बड़ा शहर है। यहां नौकरी व शिक्षा के लिए आने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। सबसे बड़ी चुनौती इन दिनों अतिक्रमण हटाने को लेकर सामने आ रही है। सभी जगह तेजी से अतिक्रमण बढ़ रहा है। स्टे व अन्य कामों के कारण भी दिक्कत आती है। महापौरों के अधिकारों को बढ़ाने की बात है तो सीएम को पत्र भेज रहे हैं। – प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री आबादी 15 लाख से ज्यादा व स्वच्छता कर्मियों की संख्या 3265 है। वित्तीय अधिकार तो महापौर के पास है लेकिन अन्य पॉवर नहीं है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को नियंत्रित करने में परेशानी आती है। सरकार से जो आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए, वह समय पर नहीं मिल पा रहा है। – शोभा सिकरवार, ग्वालियर

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