पाली के ग्रामीण क्षेत्र की एक महिला के गर्भाशय में गांठ हो गई। 5 साल से महिला पेट दर्पद से रेशान थी लेकिन हॉस्पिटल नहीं पहुंची। ग्रामीण स्तर पर ही इलाज लिया। पेट में गांठ बढ़ कर बड़ी हो गई और पेट दर्द ज्यादा होने लगा तो आखिरकार महिला हॉस्पिटल पहुंची। जहां डॉक्टर ने आवश्यक जांचें करवाई तो महिला के पेट में ढाई किलो की गांठ मिली। ऐसे में उसे भर्ती कर उसका सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई गई।
मामला पाली जिले के सादड़ी गांव स्थित सेठ रूपचंद ताराचंद सेठ दीपचंद सजमल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। प्रमुख विशेषज्ञ एवं प्रभारी डॉ राजेंद्र पुनमिया ने बताया कि 11 फरवरी को एक 45 साल की ग्रामीण क्षेत्र की महिला अपने परिजनों के साथ पहुंची। महिला का पेट फुला हुआ था और पेट दर्द ज्यादा रहने की शिकायत थी। महिला को हॉस्पिटल में भर्ती किया। सोनोग्राफी और आवश्यक जांच करवाई तो उसके गर्भाशय में करीब ढाई किलो की गांठ नजर आई। ढाई घंटे चला ऑपरेशन
ऐसे में महिला को तुरंत भर्ती किया गया और आवश्यक जांच करवाने के बाद 17 फरवरी को उसका सफल ऑपरेशन किया गया। और महिला गर्भाशय से करीब 2.5 किलो की बड़ी गांठ (फाइब्रॉइड या ट्यूमर) निकाली गई और जांच के लिए उसे भेजा गया। करीब ढ़ाई घंटे तक महिला का ऑपरेशन चला और अब उसकी स्थिति ठीक है। महिला का ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. राजेंद्र पुनमिया (प्रमुख विशेषज्ञ एवं प्रभारी), डॉ. मीता बाबेल पुनमिया (जनरल सर्जन), डॉ. विकास शर्मा (एनेस्थेटिस्ट सहित सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा कुमारी, नर्सिंग ऑफिसर ओमप्रकाश लांगेशा का सहयोग रहा।
महिला की जान जाने का था खतरा
प्रमुख विशेषज्ञ एवं प्रभारी डॉ राजेंद्र पुनमिया ने बताया कि महिलाओं में हार्मोस में बदलाव होने के कारण उनके गर्भाशय में गांठ हो जाती है। वर्तमान समय में महिला तुरंत सोनोग्राफी आदि जांचे करवा कर ऑपरेशन करवा देती है। जिससे समय पर उसकी गांठ निकाल दी जाती है। इस केस में महिला ग्रामीण क्षेत्र की थी। जिसकी उम्र करीब 45 साल है और उसने ग्रामीण स्तर पर ही इलाज करवाया हॉस्पिटल आकर कभी जांचें नहीं करवाई। ऐसे में उसके गर्भाशय में गांठ का आकार बढ़ता गया। जिससे महिला को पेट दर्द, भारीपन, कमजोरी, मासिक धर्म में अनियमितता, अत्यधिक रक्तस्राव होने की समस्या होने लगी। महिला को जब हॉस्पिटल लाया गया। उसके शरीर में महज 6 यूनिट खून था। ऐसे में 2 यूनिट खून चढ़ाया उसके बाद उसका ऑपरेशन किया गया। महिला का ऑपरेशन भामाशाह योजना में निशुल्क किया गया। महिला की हालत अब ठीक है।


