महिला सशक्तीकरण को लग रहे पंख:स्वयं सहायता ग्रुप से जुड़ीं 45 लाख महिलाएं अपने हाथों से तैयार उत्पाद ऑनलाइन बेच रहीं

प्रदेश में महिलाओं को रोजगार की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी प्रयास अब धरातल पर रंग लाने लगे हैं। राजीविका मिशन के तहत विभिन्न तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 45 लाख महिलाओं ने बिजनेस के क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़ाया है। ये सभी अपने गृह उद्योग या कारीगरी के उत्पाद ई कॉमर्स कंपनियों की तरह ऑनलाइन बेच रहीं हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने राज सखी पोर्टल बनाया है। धीरे धीरे सभी महिला सदस्यों को इस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने से अब ये महिलाएं अपना बिजनेस बढ़ा पाएंगी। इससे न केवल खुद की आमदनी में बढ़ोतरी होगी बल्कि नए लोगों को रोजगार भी मिलेगा। राज सखी पोर्टल राजस्थान सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है।इस पोर्टल पर महिलाएं अपने हस्तशिल्प, हैंडलूम, खाद्य उत्पाद, और अन्य उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकेंगी। इसके लिए सरकार ने राजीविका के माध्यम से इन्हें प्रशिक्षित भी किया है। ताकि वे किस प्रकार अपने प्रोडेक्ट की मार्केटिंग कर सके और आने वाले ऑर्डर की सप्लाई से ग्राहक तक पहुंचाना आसान हो जाए। इस पोर्टल के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों को देशभर में बेच सकती हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद मिल रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई सुविधाएं, योजनाओं की जानकारी भी मिलेंगी राजस्थान सरकार स्वयं सहायता समूहों की 45 लाख महिलाओं को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से विभिन्न सुविधा दे रही है। इसमें उनके प्रशिक्षण, अपने उत्पादों की बिक्री के लिए राजीविका मार्ट, वित्तीय समावेशन की सुविधा, नए व्यवसाय शुरू करने के लिए योजना जैसे मॉड्यूल सहित एक व्यापक एवं विस्तृत डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किया गया है। यह एप बड़ी ई- कॉमर्स कंपनियों की तरह काम कर रहा है। बीस जिलों में एक लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ीं प्रदेश में 45 लाख सहायता समूह सदस्यों में 20 जिलों में 1-1 लाख से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, चितौड़गढ़, चूरू, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, पाली, नागौर, जोधपुर, करौली, प्रतापगढ़, स. माधोपुर, राजसमंद, श्री गंगानगर, टोंक जिले शामिल हैं। उदयपुर में सर्वाधिक 3.5 लाख उदयपुर में सबसे ज्यादा 350255 स्वयं सहायता सदस्य हैं। इसके बाद बांसवाड़ा में 259458, भीलवाड़ा में 211853 और बाड़मेर में 209429 सदस्य है। वहीं सबसे कम सदस्य जैसलमेर जिले में 58158 है।

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