दंतेवाड़ा| वसंत पंचमी पर मां दंतेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। बसंत पंचमी के दिन आम के फूल से मां दंतेश्वरी की पूजा की जाती है, इसी दिन से फागुन मंडई की शुरूआत भी हो जाती है। 52 शक्तिपीठों में 1 पीठ मां दंतेश्वरी का माना जाता है। बसंत पंचमी के अवसर पर बेलपत्र और आम के फूल से मां दंतेश्वरी की पूजा की गई, इसके बाद मंदिर प्रांगण में त्रिशूल की पूजा कर उसे स्थापित किया गया, यह परंपरा 800 वर्षों से चली आ रही है। मंदिर के पुजारी वीरेंद्र नाथ जीया ने बताया कि सबसे पहले मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर त्रिशूल स्तंभ की स्थापना की जाती है, स्तंभ में प्रतिदिन शिवरात्रि तक दीपक जलाया जाता है, महाशिवरात्रि के बाद से मेला-मड़ई का आगाज हो जाता है।


