नागौर जिले की कुचेरा तहसील के नराधना गांव में मार्बल कारोबारी रामचन्द्र ने अपनी इकलौती बेटी एकता की विदाई को एक ऐसा यादगार लम्हा बना दिया, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी बेटी एकता और दामाद, एडवोकेट अश्विनी मिर्धा की विदाई किसी कार या पारंपरिक वाहन से नहीं, बल्कि हेलिकॉप्टर से की गई। अनोखी विदाई देखने उमड़ा गांव इस अनोखी विदाई को देखने के लिए गांव और आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। लोगों का उत्साह इतना अधिक था कि हर कोई इस विशेष पल को अपने मोबाइल में कैद करने को आतुर दिखा। दूल्हा-दुल्हन के हेलिकॉप्टर में सवार होते ही लोगों ने तालियां बजाई। दुल्हन बोली- कभी सोचा नहीं था दुल्हन एकता ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी विदाई इतने अद्भुत अंदाज में होगी। इस खास विदाई के लिए दुल्हन के परिवार ने गांव के बाहर एक खेत में अस्थायी हेलीपैड तैयार करवाया था। इसके लिए प्रशासन और पुलिस से सभी जरूरी अनुमति भी ली गई। दुल्हन के पिता मार्बल व्यापारी, दूल्हे के पिता किसान गौरतलब है कि दुल्हन एकता के पिता रामचंद्र महाराष्ट्र के पुणे में ग्रेनाइट और मार्बल का बड़ा कारोबार करते हैं। 20 वर्षीय दुल्हन एकता अभी कॉलेज में अध्ययनरत है, जबकि कुचेरा निवासी दूल्हा एडवोकेट अश्विनी मिर्धा (22) हैं, जिनके पिता धर्माराम एक सामान्य किसान हैं।


