अमृतसर| अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस पर रानी का बाग स्थित उप्पल न्यूरो अस्पताल में मिर्गी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सलिल उप्पल ने कहा कि मिर्गी कोई सामाजिक कलंक नहीं बल्कि एक सामान्य न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसका इलाज दूसरी बीमारियों की तरह संभव है। उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण लोग इसे भूत-प्रेत या जादू-टोने से जोड़ देते हैं, जो पूरी तरह गलत है। डॉ. उप्पल ने कहा कि मिर्गी के दौरे के दौरान मरीज को जूता-सूंघाना या मुंह में चम्मच डालना खतरनाक हो सकता है। मिर्गी के लक्षणों में शरीर में झटके आना, अकड़न, टकटकी लगाना या अचानक गिर जाना शामिल हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दौरे के समय मरीज को करवट से लिटाकर सिर के नीचे नरम सहारा देना चाहिए। सही और समय पर इलाज से मिर्गी को शत-प्रतिशत ठीक किया जा सकता है। कुछ मामलों में दवाओं के साथ सर्जरी भी कारगर होती है।


