मिहिजाम के गोरायनला में मंगलवार को चड़का देवी की दो दिवसीय पूजा और मेले का आयोजन शुरू हुआ। मान्यता है कि चड़का देवी मां काली का स्वरूप हैं। वे घोड़े पर सवार होकर गांव की रक्षा के लिए भ्रमण करती हैं। 500 वर्षों से चली आ रही इस पूजा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। रात दो बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। पूजा की थाली लेकर श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े रहे। पूजा में संथाली, मुस्लिम और हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए। यह आयोजन सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बन गया है। पूजा आयोजन समिति के मनोज दत्ता ने बताया कि पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश से श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से अधिक है। मेले में स्थानीय व्यंजन, खिलौने, कपड़े और घरेलू सामान की दुकानें लगी हैं। बच्चों और बड़ों के लिए झूले और खेल का इंतजाम किया गया है। शनिवार को बलि पूजा के साथ इस दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।


