मीटर रीडर अमन का कहना है कि उसके पास इलाका नहीं है। पिछले मीटर रीडर ने उसे मीटर की लोकेशन भेजी थी। वहां जाकर चेक किया तो मीटर नहीं मिला और एस कोड डाल दिया, मेरी सिर्फ इतनी गलती है। इस इलाके में कुल 34 एस कोड हैं जिनमें से कइयों के मीटर सोलर वाले लग चुके हैं। अमन का कहना है कि जो लोकेशन भेजी थी वहां मीटर नहीं लगा था वो दूसरी जगह लगा है। सतीश कपूर | अमृतसर पावरकॉम ने नान स्मार्ट बिजली मीटर की रीडिंग लेने के लिए कंपनी को ठेका दिया है। कई मीटर रीडर उपभोक्ता को फायदा पहुंचाकर अपनी जेब भरने के लिए रीडिंग कम डाले देते है जिसे कन्सींलमैंट करना कहते हैं। फतेहपुर राजपुरा सबडिवीजन में तैनात मीटर रीडर अमन कुमार एनआरएस (नान रेजिडेंशियल) टेंपरेरी लगे मीटर बिल में एक साल से एस कोड डाल रहा था। सबअर्बन सर्किल की गार्डन इन्क्लेव के पास नई कॉॅलोनी बन रही है। जहां एनआरएस कनेक्शन लेकर टेंपरेरी मीटर लगाया गया था। मीटर रीडर अमन एक साल से एस कोड यानि मौके पर मीटर नहीं है का बिल बनाकर भेजता रहा। इसका पता चलते ही पटियाला हैड ऑफिस ने जांच के आदेश जारी किए। इंफोर्समेंट विभाग ने जांच दौरान पाया कि उक्त स्थान पर बिजली का मीटर लगा था और रीडिंग में 22 हजार यूनिट का फर्क है। इंफोर्समेंट ने कंपनी के सर्किल इंचार्ज गुलाम मसीह को पत्र लिखकर मीटर रीडर अमन को टर्मिनेट करने को कहा है। वहीं उपभोक्ता को 2.25 लाख तो कंपनी को साढ़े 4 लाख रुपए जुर्माना डाला गया है। एसडीओ इंजीनियर पवन ने कहा कि मीटर रीडर की ओर से उपभोक्ता के साथ मिलकर कंसीलमेंट की गई है या नहीं इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को पता होगा। आप उनसे बात कर लें। कंपनी के सर्किल इंचार्ज गुलाम मसीह ने कहा कि मीटर रीडर की ओर से कंसीलमेंट करने के बारे न कोई जानकारी है और न अभी रीडर को टर्मिनेट करने के लिए कोई पत्र मिला है। नारायणगढ़ के एक मीटर रीडर ने 2 माह पहले टर्मिनेट किया गया था।


