भास्कर न्यूज| बलांगीर बलांगीर निवासी मीरा देवी अग्रवाल की मृत्यु के बाद परिवार ने उनके नेत्र दान किए। इससे दो नेत्रहीनों के जीवन में रोशनी आई है। समिति के सदस्यों ने समय रहते सभी औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा कर नेत्रदान को संभव बनाया। मीरा देवी अग्रवाल का की इस पहल से बलांगीर के साथ पूरे जिले में नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने उनके परिवार के इस मानवीय निर्णय को नमन किया। बलांगीर महिला समिति की अध्यक्ष ने कहा कि मीरा देवी का नेत्रदान समाज के लिए मिसाल है। हम चाहते हैं कि लोग उनके इस कदम से प्रेरणा लें और अधिक से अधिक नेत्रदान के लिए आगे आएं। समिति ने यह अपील भी की है कि नेत्रदान जैसा महादान हर व्यक्ति को करना चाहिए क्योंकि इससे किसी के अंधकारमय जीवन में रोशनी आ सकती है। मीरा देवी ने मृत्यु पूर्व नेत्रदान की घोषणा कर दी थी, जिसे उनके पुत्र ने निभाया।


