पाटन थाना क्षेत्र के कारिहार गांव में एक मुर्गी फार्म में बिजली का करंट लगने से 50 वर्षीय वीरेंद्र सिंह की मौत हो गई। उनकी पत्नी मीना देवी और बेटा धीरज सिंह भी झुलस गए। दोनों का इलाज मेदिनीनगर सदर अस्पताल में चल रहा है। वीरेंद्र सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ दो साल से बंद पड़े मुर्गी फॉर्म में चूजा डालने गए थे। बिजली की लाइन जोड़ते समय धीरज करंट की चपेट में आ गया। बेटे को बचाने की कोशिश में वीरेंद्र सिंह भी करंट की चपेट में आ गए। पत्नी मीना देवी भी इस दौरान झुलस गईं। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल पड़ोसी युवक और पंचायत मुखिया जयशंकर प्रसाद के भाई रामकुमार राम ने तुरंत ट्रांसफार्मर से बिजली कनेक्शन काट दिया। ग्रामीणों की मदद से तीनों को किशुनपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां वीरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। घायलों को बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर रेफर किया गया। सेना में कार्यरत बेटे के आने के बाद अंतिम संस्कार पाटन थाना प्रभारी शशि शेखर पाण्डेय और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। परिजनों के पोस्टमॉर्टम से इनकार करने पर पंचनामा कर शव सौंप दिया गया। मृतक के बड़े भाई रविंद्र सिंह सेना में कार्यरत हैं। उनके और बड़े बेटे नीरज के आने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। छोटे बेटे की हाल ही में शादी तय हुई थी।


