इन पेड़ों के नीचेही गौतम नगर थाना है। इससे पहले और बाद में मेट्रो का काम चल रहा है। लेकिन थाने के कारण बीच में अटका है। मेट्रो का तय वायडक्ट अलाइनमेंट गौतम नगर थाना परिसर के लगभग आधे हिस्से से गुजर रहा है। इसी वजह से मेट्रो प्रबंधन फिलहाल थाना परिसर को छोड़कर दोनों ओर निर्माण कार्य कर रहा है। समस्या यह है कि थाना शिफ्ट करने के लिए अब तक कोई वैकल्पिक जमीन आवंटित नहीं हो पाई है। अलाइनमेंट में थाना प्रभारी कक्ष से मालखाना तक: गौतम नगर थाना 1996 से बिना लॉकअप के चल रहा है। फिलहाल यह जवाहरलाल नेहरू गैस राहत अस्पताल परिसर में है। करीब 1 साल पहले मेट्रो टीम ने थाना परिसर के उस हिस्से की मार्किंग कर दी थी, जो अलाइनमेंट के दायरे में आ रहा है। इस हिस्से में टीआई का कक्ष, ऊर्जा डेस्क और मालखाना शामिल हैं। इन्हीं कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया है। जमीन पर बात हुई, अलॉटमेंट नहीं : नए थाना के लिए पुलिस लगातार नई जमीन की तलाश में है। पहले आरिफ नगर मस्जिद के पास करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। यूनियन कार्बाइड परिसर में जमीन की मांग की गई, मगर प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। अब दो ही विकल्प : या तो जल्द नई जमीन का आवंटन हो जाए, या थाना अस्थायी तौर पर कहीं और शिफ्ट हो। इस रूट में ये दो बड़ी बाधाएं भी थाने के लिए जमीन पर एनओसी मिली है : कमिश्नर थाने के लिए नए स्थान का आवंटन प्रक्रिया में है। थाने से आगे की जमीन पर शिक्षा विभाग की एनओसी मिली है। मंजूरी मिलते ही नया भवन बनाएंगे। -हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर एजेंसी या अफसरों से चर्चा के बाद ही निर्माण: एमडी अलाइनमेंट पहले से तय है। संबंधित एजेंसी, अफसरों से चर्चा के बाद ही अगला निर्माण होगा। हम थाने या किसी भी विभाग को असुविधा नहीं होने देंगे। -एस. कृष्णा चैतन्य, एमडी मेट्रो


