खालसा पंथ के प्रणेता सिखों के पहले गुरु श्री गुरुनानक देव महाराज के ज्योति जोत गुरुपर्व पर रांची की संगत ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मंगलवार को श्री गुरु सिंह सभा रांची द्वारा मेन रोड गुरुद्वारा में श्रद्धा और आस्था के साथ विशेष दीवान सजाया गया। अखंड पाठ के भोग के बाद गुरुद्वारा के हजूरी रागी भाई भरपूर सिंह और उनके साथियों ने मधुर वाणी में गुरवाणी कीर्तन प्रभ कीजे किरपा निधान हम हर गुण गावेगे…, हों कुर्बान जाऊं मेहरबाना, हों कुर्बान जाऊं…शबद गायन कर संगत को प्रभु चरणों से जोड़ा। गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी विक्रम सिंह ने गुरुनानक देव महाराज के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्योति ज्योत का अर्थ है सिख धर्म के गुरुओं का शरीर त्याग कर ज्योति में विलीन हो जाना। यह दिन गुरुओं के जीवन और शिक्षाओं को याद अपने जीवन में उतारने का दिन है। अनंद साहिब के पाठ और अरदास के साथ दीवान की समाप्ति हुई। दीवान की समाप्ति पर गुरु के अटूट लंगर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठ लंगर ग्रहण किया। महासचिव गगनदीप सिंह सेठी ने बताया कि श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान गुरमीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री गुरुनानक देव महाराज का प्रकाशोत्सव 5 नवंबर को मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में 20 अक्टूबर से प्रभातफेरियां निकाली जाएगी और 2 नवंबर को नगर कीर्तन निकाला जाएगा।


