आदिवासी समुदायों द्वारा शनिवार को बुलाए गए झारखंड बंद का राजधानी में मिलाजुला असर रहा। खूंटी के पड़हा राजा सोमा मुंडा की पिछले दिनों हुई हत्या के विरोध में यह बंद बुलाया गया था। शहर के मुख्य केंद्र मेनरोड और आसपास के क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर दिखा। करमटोली में बंद समर्थकों ने आग जलाकर रास्ता बंद कर दिया। कटहल मोड़ और दलादली में बंद समर्थकों ने रास्ता जाम कर दिया। इधर पंडरा थोक मंडी भी बंद रही। कांके रोड में बंद का छिटपुट असर दिखा। हालांकि बरियातू, कोकर, लालपुर, हरमू रोड, अपर बाजारे, डोरंडा, हिनू, अरगोड़ा चौक आदि क्षेत्रों में बंद का असर नहीं देखा गया। एचईसी क्षेत्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम गाड़ियां चलीं। कुल मिलाकर बंद का मिलाजुला असर दिखा। दोपहर में अल्बर्ट एक्का चौक और आसपास के इलाकों में लगभग सभी दुकानें बंद रहीं, जो दुकानें खुली थीं, उन्हें भी प्रदर्शनकारियों ने बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने अल्बर्ट एक्का चौक के पास रस्सी लगाकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया। इससे मेन रोड से आने वाले वाहनों को प्लाजा रोड की ओर डायवर्ट करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोमा मुंडा की हत्या के मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शनिवार को रांची के ज्यादातर स्कूल बंद रहे। गाड़ियां कम चलीं। कई निजी संस्थानों भी बंद रहे। बंद के दौरान पुलिस बल मुस्तैद रही। कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। मेन रोड में बंद समर्थकों ने बांस-बल्ली लेकर रोका आवागमन । करमटोली में टायर जलाकर बंद समर्थकों ने रोका रास्ता। करमटोली चौक पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और सड़क पर बैठकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इधर पंडरा क्षेत्र में थोड़ी देर कुछ दुकानें बंद रहीं। करमटोली चौक पर दोपहर एक बजे बंद समर्थक आए और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। गाड़ियां भी रोकीं और आसपास की दुकानें बंद कराईं। कटहल मोड़ में अनेक बंद समर्थक सड़क पर उतरे और रास्ते को रस्सी लगाकर जाम किया। कई घंटे तक प्रदर्शन किया। इसी तरह दलादली चौक के पास बंद समर्थकों ने जाम किया। गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। जिला के ग्रामीण इलाकों जैसे चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके, पिठोरिया में टायर जलाकर जाम किया गया। शहर के मुख्य बाजारों में आंशिक प्रभाव लेकिन शाम तक सब सामान्य हो गया। यातायात भी बहाल हो गया। आदिवासी संगठनों ने कहा है कि न्याय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। रांची| झारखंड बंद का असर पंडरा बाजार समिति में सबसे अधिक देखने को मिला। पंडरा क्षेत्र में कुछ दुकानें खुली जरूर नजर आईं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब नौ बजे पंडरा बाजार समिति के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया, जिसके कारण मंडी के भीतर एक भी दुकान नहीं खुल सकी। इससे पंडरा बाजार समिति में लगभग 10 करोड़ के कारोबार पर सीधा असर पड़ा। व्यापारी मदन साहू ने बताया कि शनिवार को पंडरा मंडी पूरी तरह बंद रही, जबकि रविवार को पहले से ही मंडी बंद रहती है। ऐसे में अब खुदरा दुकानदारों को जरूरी खाद्य पदार्थों की खरीद के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। दूसरी ओर, अपर बाजार, तिलता और रातू सहित अन्य क्षेत्रों की बाजारें खुली रहीं, लेकिन वहां भी ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में खरीदार पहुंचे, लेकिन कारोबार प्रभावित ही रहा। रेल सेवा और फ्लाइट सेवा में बंद का कोई असर नहीं दिखा। हालांकि बस सेवा पूरी तरह से प्रभावित रही। गुमला, सिमडेगा, तोरपा, बुंडू, लोहरदगा, टाटा आदि जाने वालीं 200 से ज्यादा बसें नहीं चलीं। रांची से हजारीबाग, बरही आदि जाने वालीं बसें भी काफी कम चलीं। बस चालक संघ के महासचिव राणा बजरंगी ने बताया कि खादगढ़ा बस स्टैंड से करीब 200 पैसेंजर को वापस लौटना पड़ा। झारखंड प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि लोकल बस एक भी नहीं चले। बंद का मिलाजुला असर रहा।


