भास्कर न्यूज | चाईबासा जिले के झींकपानी थाना क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेज में 13 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित मैराथन दौड़ में शामिल धनबाद के 20 वर्षीय छात्र विक्रम टुडू की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में करने के बाद सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर 13 जनवरी को इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया था जिसमें छात्र विक्रम टुडू भी भाग ले रहे थे। मैराथन दौड़ के दौरान अचानक विक्रम टुडू बेहोश होकर गिर गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सदर अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर जांच के बाद चिकित्सक ने विक्रम टुडू को मृत घोषित कर दिया। रात भर विक्रम के बॉडी को सदर अस्पताल में रखने के बाद दूसरे दिन बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के परिजन भी पहुंचे थे। चाईबासा| झींकपानी कैलेंडे गांव के पास स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज टेक्नो इंडिया के छात्र 20 वर्षीय विक्रम टुडू की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। वह धनबाद के रहने वाले थे और इंजीनियरिंग कॉलेज में द्वितीय वर्ष के छात्र थे। मामले पर संज्ञान लेते हुए कांग्रेस के छात्र इकाई एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीश गोप सहित कांग्रेसियों ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कॉलेज प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों को यथोचित मुआवजा राशि प्रदान करने का मांग की है। गुरुवार को कांग्रेस भवन,चाईबासा में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीश गोप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। मृतक छात्र विक्रम टुडू के पिता नकुल टुडू ने इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन पर उंगली उठाते हुए कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनके पुत्र की मौत हो गई है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर पहाड़ी ढलान पर मैराथन ट्रैक बनाया गया था। इस दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन द्वारा ना ही मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई थी और न ही एंबुलेंस की, यहां तक कि कॉलेज प्रशासन द्वारा दौड़ में शामिल छात्रों का मेडिकल टेस्ट भी नहीं कराया गया। उनके बेटे की मौत कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से हुई है। उन्होंने संबंधित थाना को लिखित रूप से शिकायत पत्र सौंप कर घटना की जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अज्ञात हृदय रोग : कई बार व्यक्ति को पहले से ही दिल की बीमारी होती है जिसका उसे पता नहीं होता। तीव्र शारीरिक श्रम के दौरान दिल पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। अत्यधिक तनाव : अगर शरीर को पर्याप्त प्रशिक्षण न मिला हो और अचानक बहुत तेज दौड़ लगा दी जाए, तो दिल की धड़कन और रक्तचाप खतरनाक स्तर तक बढ़ सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल प्लाक का फटना: शरीर के बहुत अधिक गर्म होने या दबाव बढ़ने से धमनियों में जमा हुआ “प्लाक” फट सकता है, जिससे खून का थक्का जम जाता है और हार्ट अटैक आ जाता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन: पसीने के माध्यम से शरीर से पोटेशियम और सोडियम जैसे जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं, जिससे दिल की धड़कन का तालमेल बिगड़ सकता है। वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डी राहा ने कहा कि युवा दिवस के अवसर पर कैंपस के भीतर अकेडमी ब्लॉक से मेन गेट तक (करीब सौ मीटर) मैराथन दौड़ का आयोजन लड़का और लड़कियों के लिए किया था। घटना 11:30 बजे के आसपास की है। दौड़ के दौरान विक्रम बेहोश होकर गिर गया। उसे तुरंत एडमिन ब्लाक में ले जाकर चेहरे पर पानी का छिड़काव किया गया एवं पल्स रेट की जांच की गई। दो-तीन मिनट के बाद कोई रिस्पांस नहीं मिलने पर तुरंत एम्बुलेंस से उसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर डॉक्टर ने जांच के बाद विक्रम को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से उनके परिजन ही नहीं पूरा कॉलेज परिवार शोक में है। घटना के बाद से लाश का पोस्टमार्टम कराने तक मैं लाश के साथ अस्पताल में रहा। इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधक छात्र के परिजनों को क्षमता के अनुसार कुछ जरूर सहयोग करेगी। दौड़ के दौरान हार्ट अटैक के कारण


