मैहर जिले में नेशनल हाइवे-30 पर ओढ़की टोल प्लाजा के पास बुधवार देर रात मऊगंज से नागपुर जा रही एक बस पर पथराव और मारपीट की घटना हुई। विजयंत ट्रेवल्स की बस को रोककर बदमाशों ने हमला किया, जिसमें चालक और परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गए। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं भागते समय कुछ आरोपी सड़क हादसे का शिकार हो गए। पथराव के कारण बस का अगला शीशा टूट गया और कांच के टुकड़े यात्रियों की सीटों तक फैल गए। हमले के दौरान बस में सवार लगभग 45 यात्री अपनी जान बचाने के लिए सीटों पर दुबके रहे। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बाइक सवारों की दबंगई साफ दिखाई दे रही है। टोल पर विवाद के बाद पीछा कर रोका घटना बुधवार रात करीब 9 बजे की है। बिना नंबर की पल्सर बाइक पर सवार दो युवक ओढ़की टोल प्लाजा के लेन नंबर-7 में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे। टोल कर्मियों ने उन्हें बाइक लेन में जाने को कहा तो युवकों ने गाली-गलौच शुरू कर दी। इसी दौरान उसी लेन में बस आ गई। टोल कर्मियों द्वारा हटाए जाने के बाद युवक बस के आगे-आगे बाइक दौड़ाते हुए अपने साथियों को फोन करने लगे। थोड़ी दूरी पर पड़हा पेट्रोल पंप के पास बस को रोककर करीब पांच युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बस में घुसकर पीटा, ड्राइवर का सिर फोड़ा हमलावरों ने सड़क पर पड़े बड़े पत्थरों से बस के शीशे पर हमला किया, जिससे परिचालक की आंख में गंभीर चोट आई। इसके बाद वे बस में घुस गए और परिचालक व हेल्पर की पिटाई की। चालक के सिर पर पत्थर से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक विजय सेन ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। भागते समय आरोपियों का एक्सीडेंट, पुलिस ने पकड़ा सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन में भर्ती कराया गया। मोबाइल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और कुछ को पकड़ लिया गया है। बताया जा रहा है कि मारपीट में शामिल कुछ आरोपी भागते समय अमरपाटन–सतना मार्ग पर ग्राम गड़ौली के आगे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले अमरपाटन और बाद में सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया। 3 घंटे बाद रवाना हुई बस, पेट्रोलिंग टीम नदारद घटना के बाद बस में अन्य चालक–परिचालक की व्यवस्था कर रात 12 बजे बस को नागपुर के लिए रवाना किया गया। यात्रियों में अधिकांश लोग इलाज के लिए नागपुर जा रहे थे। NH-30 पर हुई इस घटना ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घंटों बाद भी हाइवे पेट्रोलिंग टीम मदद के लिए नहीं पहुंची। यह भारी टोल टैक्स वसूलने वाली नेशनल हाइवे मैनेजमेंट टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।


