अयोध्या के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने दो घायलों का इलाज किया। घर जा रहे बाइक सवार दो युवकों को हाईवे पर एक एंबुलेंस ने पीछे से टक्कर मार दी। जिसके बाद दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोग उन्हें पास के सीएचसी सोहावल ले आए। जहां बिजली की कोई व्यवस्था नहीं थी। डॉक्टरों ने अस्पताल के अंदर मोबाइल की टॉर्च जलाकर सिर पर पट्टी बांधी। लेकिन सीएचसी में दोनों का कोई ट्रीटमेंट नहीं किया गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। देखें अंधेरे में किए गए इलाज की तस्वीरें… ये है पूरा मामला दरअसल शुक्रवार को दो युवक राजदीप सिंह(18) और उसका दोस्त हेमंत (19) बाइक से लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर रौनाही थाना क्षेत्र के मुबारकगंज होते हुए रुदौली जा रहे थे। राजदीप रामनगर मिल्कीपुर का रहने वाला है जबकि हेमंत सुचितागंज सारा बिशनपुर में रहता है। राजदीप अपने मामा अरविंद सिंह के यहां खिरौनी नगर पंचायत में रहकर पढ़ाई करता है। दोनों रुदौली में बीएससी का पेपर देने जा रहे थे। तभी सामने से गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार एंबुलेंस ने बाइक सवार दोनों छात्रों को टक्कर मार दी। ये छात्र बीएससी का पेपर देने रूदौली जा रहे थे। टक्कर लगने से राजदीप और हेमंत गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा होते ही एंबुलेंस ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। जिसके बाद दोनों घायल छात्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहावल पहुंचाया गया। मौके पर राजदीप ने अपने मामा अरविंद को सीएचसी में बुलाया। सीएचसी सोहावल में बिजली की उचित व्यवस्था न होने के कारण अस्पताल के स्टाफ ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में घायल छात्रों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। छात्रों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने खून को रोकने के लिए सिर पर पट्टी बांध दी। फिर मामा अरविंद से दोनों घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर ले जाने के लिए कहा। जिसके बाद दोनों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां पर राजदीप सिंह के पैर में 11 टांके और सिर में तीन टांके लगे। वही हेमंत के हाथ पर कई जगह फैक्चर है। हाथ पर प्लास्टर चढ़ा। अस्पताल में अंधेरा कायम घायल राजदीप के मामा अरविंद सिंह ने बताया- शुक्रवार की सुबह करीब 8:00 बजे जब हम घायल अपने भांजे राजदीप सिंह और उसके दोस्त हेमंत की खबर मिलने पर सीएचसी सोहावल पहुंचा। तो अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में अंधेरा था। एक्सीडेंट की जानकारी होने के बाद डॉ. संग्राम सिंह, डॉ. अनिल सिंह इमरजेंसी वार्ड पर आए। वॉर्ड में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं होने पर डॉक्टरों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर इलाज शुरू किया। मैं जब हॉस्पिटल स्टाफ से पूछा कि लाइट की कोई व्यवस्था क्यों नहीं है। आप लोग कैसे इलाज करते हैं। तब डॉक्टरों ने बताया कि जनरेटर खराब हो गया है और इनवर्टर भी सही से नहीं चल रहा है। मेरे भांजे को इतनी चोट लगी थी, लेकिन सीएचसी में उसका को ट्रीटमेंट ही नहीं हुआ। सीएमओ कर रहे नजरअंदाज स्टॉफ के एक कर्मचारी ने बताया- जब से अस्पताल की अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन को यहां से हटाया गया है। तब से सीएमओ साहब इस अस्पताल को नजर अंदाज कर रहे हैं जिसके चलते यहां पर कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस मामले में अस्पताल की अधीक्षक अर्पण कोहली से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इमरजेंसी वॉर्ड में नहीं हो रहा इलाज स्थानीय लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इमरजेंसी में ऐसी स्थिति है, तो अन्य विभागों का क्या हाल होगा। सीएचसी में आए तीमारदारों ने यह भी बताया कि अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है। जिसके कारण मरीजों को एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में आने वाले मरीजों का डॉक्टर द्वारा इलाज नहीं किया जा रहा है बल्कि उन्हें गंभीर बताकर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है। ये सुविधाएं होनी चाहिए सीएचसी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्राथमिक उपचार में जैसे CPR, रक्तस्राव रोकना , घाव की सफाई और पट्टी करना, फ्रैक्चर को स्थिर करना (स्प्लिंट), जलने पर ठंडा पानी डालना, और साँप/कुत्ते के काटने जैसी आपात स्थितियों का शुरुआती इलाज शामिल होता है। ताकि मरीज को आगे के उपचार के लिए स्थिर किया जा सके। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मरीज की स्थिति गंभीर न हो और उसे सही डॉक्टर के पास भेजा जा सके। लेकिन ये प्राथमिक सुविधाएं भी सीएचसी में नहीं है। यहां तक की दुर्घटना में घायल लोगों को डॉक्टरों द्वारा टांका भी नहीं लगाया जाता है। पट्टी बांधकर सीधे रेफर कर दिया जा रहा है। …………………….. ये भी पढ़ें- महाकुंभ मॉडल की यूट्यूबर्स को धमकी- कोर्ट में घसीटूंगी:अश्लील पोस्ट पर कहा- बदनाम किया जा रहा महाकुंभ से वायरल हर्षा रिछारिया ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- ये सब पोस्ट करने वाले मौनी अमावस्या के बाद कोर्ट में नजर आएंगे। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया। मगर इस बार नहीं करूंगी। किसी भी मीडिया चैनल, इन्फ्लुएंसर ने मेरे करेक्टर को जस्टिफाई किया। पढ़िए पूरी खबर…


