दक्षिण राजस्थान में सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण, पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवा और उत्तर भारत की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ की तिकड़ी के प्रभाव से रविवार से मौसम में बदलाव होने की संभावना है। 25 दिसंबर के बाद मावठा गिरने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी विवेक छलोत्रे ने बताया कि दक्षिण राजस्थान एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर 240 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवा बह रही है। इसके अलावा निम्न एवं मध्य क्षोभ मंडलीय पछुआ पवनों के बीच ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) पूर्वोत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। साथ ही 27 दिसंबर को एक नए एवं सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालय तथा संलग्न मैदानी क्षेत्रों को प्रभावित करने की संभावना है। इसके प्रभाव से रविवार से मौसम बदलने की संभावना है। लगभग एक सप्ताह तक आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इससे 25 दिसंबर या इसके बाद मावठा गिरने के आसार हैं। यदि सिस्टम वर्तमान स्थिति के अनुसार ही चलते रहे तो हल्की ओलावृष्टि भी हो सकती है।


