भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जिले में युवाओं को समाज सेवा, सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित जय हो कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना और स्काउट गाइड के स्वयंसेवकों का एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम उत्साह और ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा और अनुभव साझा करने का अवसर दिया, बल्कि उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना को और मजबूत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिसमें जिले भर से आए एनएसएस और स्काउट गाइड के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन का मुख्य आकर्षण खुला मंच सत्र रहा, जहां स्वयंसेवकों ने समाज सेवा के दौरान आने वाली व्यावहारिक और जमीनी चुनौतियों को खुलकर साझा किया। युवाओं ने बताया कि सीमित संसाधनों, सामाजिक बाधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे सकारात्मक सोच, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। यह सत्र न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला भी सिद्ध हुआ। 7 से 9 जनवरी तक लगातार तीन दिनों तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आध्यात्मिक संदेशवाहक भोले द्वारा प्रज्ञा पुराण कथा का वाचन किया जाएगा। कथा के माध्यम से मानव जीवन के उद्देश्य, सदाचार, आत्मविकास और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। श्रद्धालुओं को जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले प्रेरक प्रसंगों का अमृतपान कराया जाएगा। 10 जनवरी को समापन दिवस के अवसर पर प्रातः 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ पूर्णाहुति संपन्न होगी। शांतिकुंज हरिद्वार के सिद्धांतों के अनुरूप इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युग निर्माण सत्संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। महायज्ञ के माध्यम से श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति अटूट आस्था, इंद्रिय संयम, समय का सदुपयोग और समाज के प्रति नैतिक दायित्वों को निभाने का संकल्प दिलाया जाएगा। गायत्री परिवार के अनुभवी पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। माता गायत्री महिला मंडल एवं प्रज्ञा पीठ कोतबा के सदस्यों द्वारा आयोजन की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। युवाओं को मिला मार्गदर्शन, स्वास्थ्य और डिजिटल जागरूकता पर दिया गया जोर इस विशेष अवसर पर एसएसपी सिंह एवं उनकी पत्नी रेखा सिंह की उपस्थिति रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए समय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण कौशल है। वक्ताओं ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि वे सही दिशा में अपनी ऊर्जा लगाएं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता और डिजिटल सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। संगवारी संस्था के अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को सिकल सेल सहित सामान्य स्वास्थ्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। वहीं यूनिसेफ और एग्रीकोन फाउंडेशन के समन्वयकों ने युवाओं को युवोदय ऐप के बारे में जानकारी दी और उसे डाउनलोड करवाया।


