भास्कर न्यूज | जामताड़ा पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार कुमुद सहाय ने की। उपायुक्त ने कहा कि 6 मई की रात भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। इसके बाद सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर झारखंड के छह जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हो रही है। जामताड़ा इसमें शामिल नहीं है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले को भी अलर्ट रहना होगा। उपायुक्त ने कहा कि चित्तरंजन और डीबीसी जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पास में हैं, जिन्हें युद्ध की स्थिति में दुश्मन निशाना बना सकता है। उन्होंने अधिकारियों को मानसिक रूप से तैयार रहने, आसूचना तंत्र मजबूत करने, रिलीफ प्लान, सेफ हाउस, स्टॉक लिस्ट जेसीबी, मशीनरी, एम्बुलेंस, ट्रांसपोर्ट, फायर सर्विस, पावर तैयार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के साथ-साथ पारा मिलिट्री और बॉर्डर पर तैनात जवानों के परिजनों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना होगा। सभी अंचल अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को स्कूलों में बच्चों को प्रशिक्षण देने को कहा गया। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने कहा कि युद्ध की स्थिति में शेल्टर होम और सेफ हाउस की जरूरत होगी। जेसीबी, मशीनरी, एम्बुलेंस और फायर सर्विस की व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए सभी अंचल अधिकारियों को सूची तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सही सूचना रखना जरूरी है। अफवाह न फैले, प्रशासन अलर्ट मोड में रहे और टीम वर्क में काम करे। युद्ध अप्रत्याशित होता है, सभी को अपने रोल की जानकारी होनी चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला परिवहन पदाधिकारी मनोज कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, संबंधित अंचल अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


