टोंक जिले में यूरिया खाद की किल्लत बनी हुई। कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अधिकारी छुट्टी लेकर जिले से बाहर है। किसान परेशान हो रहे है। जहां भी सूचना मिलती खाद की गाडी आने की, वहां सैकड़ों किसान महिला पुरुष दुकान के बाहर खड़े हो जाते हैं। आलम यह है कि आधा से एक किमी लाइन यूरिया खाद की दुकानों के बाहर लगी नजर आती है। किसानों की भारी भीड़ जमा आज जिला मुख्यालय पर भी देवली रोड स्थित इफको बाजार के बाहर किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। बुधवार को जैसे ही आसपास के किसानों को पता लगा कि इफको बाजार में यूरिया की गाड़ी आई है। गुरुवार अल सुबह 5 बजे से ही महिला और पुरुषों की खाद के लिए टोकन लेने बड़ी संख्या में उमड़ पड़े। देखते ही देखते यह भीड़ एक हजार से ज्यादा की हो गई। यह देख इफको बाजार संचालक की भी घबरा से गए। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची। महिला पुरुषों की अलग अलग लाइन लगवा दी। सुबह 9 बजे से 10.15 बजे तक चार सो टोकन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए गए। फिर इफको बाजार संचालक की ओर से ऐलान किया गया। अब खाद आने पर फिर से टोकन दिए जाएंगे। निराश लौटे किसानों ने भी काला बाजारी का आरोप लगाया है। बोले- यूरिया का संकट पहली बार देखा उसके बाद करीब एक हजार किसान निराश होकर धीरे धीरे घर लौट गए। इससे पहले किसानों ने बताया कि यूरिया का ऐसा संकट पहली बार देखा है। किसान दो दो यूरिया के कट्टे के लिए एक किमी की लाइन में लगे हुए है फिर भी पांच घंटे में भी खाद नहीं मिल रहा है। किसान युवा महापंचायत के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी , प्रदेश मंत्री रतन लाल चौधरी ने बताया कि यूरिया की जमकर खाला बाजारी हो रही है। रात के समय ट्रॉलियों में भरकर खाद विक्रेता ब्लैक कर रहे है । इसकी शिकायत कृषि विभाग के जॉइंट डायरेक्टर को दे दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रहीं है। उधर, कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि वे अभी अवकाश पर है । यूरिया की कमी नहीं है। किसान नैनो यूरिया को


