भास्कर न्यूज|कवर्धा शहर के नवीन बाजार में पूर्व विधायक निवास के सामने व्यवसायिक परिसर मौजूद है, जहां 35 दुकानें बनी हैं। इन दिनों ये दुकानें कम, तबेला ज्यादा लग रहा है। क्योंकि सभी दुकानें करीब 17 साल से बंद पड़ी हैं। व्यवस्थापन के तहत दुकानें आवंटित की गई थी, लेकिन यहां कोई भी व्यवसायी दुकानें नहीं खोल रहा है। कॉम्प्लेक्स परिसर में दिनभर मवेशी दिखाई देते हैं। परिसर गोबर और कचरों से अटा है। उचित रखरखाव के अभाव में लाखों रुपए खर्च कर बनीं इन दुकानों की हालत खराब हो चुकी है। ज्यादातर दुकानों के शटर जंग खाकर टूट गए हैं। वहीं जिन लोगों को ये दुकानें आवंटित हुई थीं, वे सड़क किनारे दुकान लगा रहे हैं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है। नवीन बाजार को व्यवस्थित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बता दें कि नवीन बाजार में 4.28 करोड़ रुपए खर्च कर 250 से ज्यादा दुकानें बनी हैं। {सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉम्प्लेक्स : शहर के वीर स्तंभ चौक पर पेट्रोल पंप के पीछे सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉम्प्लेक्स मौजूद है। 1.53 करोड़ की लागत से बने इस कॉम्प्लेक्स में 69 दुकानें हैं। यहां अब भी कई दुकानों की नीलामी नहीं हुई है। कई नीलामी के बाद भी नहीं खुल रहे हैं। वर्षों तक बंद रहने पर दुकानों की क्या हालत होती है, ये गंगानगर में देखा जा सकता है। गंगानगर में चिल्ड्रन पार्क के पास स्वरोजगार के लिए 18 दुकानें बनी थीं। इनमें आधी दुकानें ढह चुकी हैं, जिसका नामोनिशान तक नहीं है। वहीं आधी दुकानें जो बची हैं, उस पर कब्जा है। नपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी का कहना है कि कॉम्पलेक्स के सामने 4 दुकानें तोड़कर रास्ता बना रहे हैं। दुकानों का मेंटेनेंस कार्य कराएंगे। जिन्हें व्यवस्थापन दिए थे, उन्हें दुकानें खोलने नोटिस भेज रहे हैं। एक महीने में सभी दुकानें खुल जाएंगी। दुकानें नहीं खोलने पर व्यवस्थापन निरस्त करने कार्रवाई की जाएगी।


