भास्कर न्यूज | गढ़वा इस्लामी कैलेंडर के पवित्र माह रजब की 27 तारीख को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धा और आस्था के साथ रोजा रखा। इस दिन को इस्लाम धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता के अनुसार 27 रजब की शब शबे मेराज के रूप में जानी जाती है। गढ़वा सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मुस्लिम समुदाय के पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने सुबह सहरी कर रोजे की नीयत की। दिनभर रोजेदारों ने संयम, सब्र और इबादत के साथ रोजा रखा। रोजेदारों ने अपने साथ-साथ पूरे समाज की खुशहाली, अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। शाम होते ही इफ्तार की तैयारियां शुरू हो गईं। घरों में खजूर, फल, शरबत और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। जैसे ही मगरिब की अजान हुई, रोजेदारों ने अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए रोजा खोला। मस्जिदों और घरों में सामूहिक रूप से इफ्तार किया गया। जहां आपसी भाईचारे और सौहार्द का सुंदर दृश्य देखने को मिला। इस मौके पर कई स्थानों पर जरूरतमंदों के लिए इफ्तार की व्यवस्था भी की गई।


