रसीद बुक छपवाकर लाखों रुपए हड़पे:ओड समाज संस्थान का मामला, अध्यक्ष व दो बेटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

– हिसाब-किताब नहीं देने से नाराजगी, कार्यकारिणी के ज्यादातर सदस्यों ने दिए इस्तीफे जोधपुर शहर की ओड समाज संस्थान के अध्यक्ष व दो बेटों के खिलाफ फर्जी रसीदें छपवाकर चंदा वसूली और समाज की संपत्तियों से अर्जित आय के लाखों रुपए हड़पने का मामला नागौरी गेट थाने में दर्ज किया गया है। इसमें आरोप है कि कई वर्षों से समाज को हिसाब-किताब नहीं देने से नाराजगी है और इसी के चलते कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्यों ने इस्तीफे भी दे दिए थे। रसाला रोड पृथ्वीपुरा निवासी रविंद्रसिंह राठौड़ पुत्र मगराज ओड की ओर से कोर्ट में पेश इस्तगासा के जरिए नागौरी गेट थाने में यह प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें बताया गया कि बागर चौक रावत बिल्डिंग निवासी सुरेंद्रसिंह चौहान ने वर्ष 2004-05 से समाज की चल-अचल संपत्ति व रोकड़ रुपयों का हिसाब किताब समाज के सामने रखने की बजाय उसमें गड़बड़ी कर रहा है। यहां तक कि सुरेंद्रसिंह से संस्थान की आम सभा में भी आय-व्यय का हिसाब मांगा जाता है, तो वह समाज के ही लोगों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर धमकिया देता है। समाज के हिसाब-किताब में की जा रही गड़बड़ी में सुरेंद्रसिंह के साथ उसके दोनों पुत्र विशाल और अनुरागसिंह को भी नामजद किया गया है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। समाज की प्रोपर्टी से सालाना लाखों की आय, हिसाब नहीं देता रिपोर्ट के अनुसार समाज की एक प्रोपर्टी नया तालाब स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर है, जिसमें 15 कमरे व एक बड़ा हॉल बना हुआ है और इन्हें शादी समारोह इत्यादि के लिए किराए पर दिया जाता है। इससे भी सालाना करीब 52-53 लाख रुपए की आय होती है। इसी तरह कागा श्मशान भूमि में स्थित हॉल से भी 8 हजार रुपए मासिक किराया आता है, लेकिन इन तमाम आय को भी संस्थान के खाते में जमा नहीं कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, समाज के मौजीज लोगों से लिए तकरीबनन 40-50 लाख रुपए का हिसाब भी कभी नहीं दिया। इन्हीं कारणों से संस्थान के कार्यकारिणी पदाधिकारियों व सदस्यों ने भी अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद से सुरेंद्रसिंह ही अकेला संस्थान के लेखा-जोखों का संचालन कर रहा है और अपनी मनमर्जी से आय की अलग-अलग प्रकार की रसीद बुकें छपवाकर रसीदें काटता है। समाज के लोगों को आशंका है कि सुरेंद्रसिंह ने लाखों रुपए का समाज में गबन किया है और हड़पी गई राशि को वह अपने बेटों के व्यवसाय में लगा रहा है।

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