राजसमंद कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को प्रशासन की ओर से परिंडा अभियान की शुरुआत की गई। गर्मी के मौसम में भीषण ताप और जल संकट से बेजुबान पक्षियों का जीवन बचाने के उद्देश्य से पक्षियों के लिए परिंडा अभियान की शुरुआत की गई।
इसके तहत पहला परिंडा कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने कलेक्ट्रेट में बांधा। इस दौरान जल पात्र को पानी से भरकर सुरक्षित स्थान पर लटकाया गया। जिससे पक्षी सुरक्षित रूप से पानी पी सकें। इस दौरान एडीएम नरेश बुनकर, सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सभी कार्मिकों और कलेक्ट्रेट पहुंचे आम नागरिकों को भी परिंडे वितरित किए गए। ये परिंडे जिले के पक्षी प्रेमी कृष्ण गोपाल गुर्जर द्वारा बनाए गए थे। वर्षों से गुर्जर द्वारा किए जा रहे इस पावन कार्य के लिए कलेक्टर ने उपरना ओढ़ाकर उनका सम्मान भी किया। इसके बाद कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने जिले के सभी नागरिकों से यह अपील की है कि अपने-अपने घरों या जहां भी संभव हो, पक्षियों के लिए परिंडे अवश्य लगाएं और उनमें नियमित रूप से जल भी भरें।कलेक्टर ने कहा कि परिंडे लगाने से न केवल पक्षियों की प्यास बुझाई जा सकती है, बल्कि यह मानवीय करुणा और पर्यावरण के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी का प्रतीक भी बन जाता है। घर की छत, बालकनी, पेड़ों या खुले स्थानों पर परिंडे लगाकर उन्हें प्रतिदिन ताज़ा जल देना एक सरल प्रयास है। जिले के नाथद्वारा निवासी और राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल भोपा की भागल के अध्यापक कृष्ण गोपाल गुर्जर ने कलेक्टर को बताया कि वे 27 वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं और अब तक 72 हज़ार से अधिक परिंडे, पक्षी दाना स्टैंड, मिट्टी-लकड़ी से निर्मित घोंसले, पानी के कुंड भामाशाहों के सहयोग से वितरित कर चुके हैं। इस कार्य में उनके सहयोगी अध्यापक जितेंद्र गुर्जर, करौली भी मदद करते हैं। कलेक्ट्रेट में अभियान शुभारंभ के दौरान सहयोगी देवांग भाई (मुंबई), आशीष भाई संघवी (मुंबई), सीडीईओ मुकुट बिहारी शर्मा, डीईओ प्रारंभिक राजेन्द्र गग्गड़, डीईओ माध्यमिक नूतन प्रकाश जोशी उपस्थित रहे।


