राजसमंद में गांधी सेवा सदन के 74वें स्थापना दिवस पर आयोजित बालोत्सव में बच्चों ने सांस्कृतिक झांकियों, नृत्य-नाटिकाओं और मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। बाल निकेतन विद्यालय में हुए इस रंगारंग कार्यक्रम में रामायण से लेकर चंद्रयान मिशन तक की झलकियां मंच पर जीवंत दिखीं। सांस्कृतिक संध्या में बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से जीता दिल राजसमंद में गांधी सेवा सदन के 74वें स्थापना दिवस पर बालोत्सव कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया। बाल निकेतन गांधी सेवा सदन स्कूल में शाम को हुई बाल सांस्कृतिक संध्या में स्कूली बच्चों ने शानदार नृत्य, नाटिकाओं और गायन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद नन्हे-मुन्नों की शिव वंदना ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग से भर दिया। आज मंगल अवसर आयो’ ने माहौल में घोला मधुर रस अभिनंदन गीत के दौरान बच्चों ने ‘आज मंगल अवसर आयो’ का सुरमय गायन किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक झांकियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। त्रेता युग दर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें बच्चों ने रामायण के कई प्रसंगों को मंच पर जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। रामायण से चंद्रयान मिशन तक जीवंत हुई झांकियां कार्यक्रम में कृष्ण-महाभारत प्रसंग, योग गुरु भारत, पद्मावती प्रसंग, अनेकता में एकता, बचपन की यादों से जुड़े खेल गीत और मिशन चंद्रयान जैसी झांकियों ने विविधता को नया आयाम दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित नृत्य-नाटिका ने भी दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। विज्ञान प्रदर्शनी और बाल संसद में बच्चों की झलकी प्रतिभा बालोत्सव के तहत विज्ञान प्रदर्शनी, विज्ञान परिषद, कला प्रदर्शनी, बाल संसद और गीत-संगीत के कार्यक्रम भी आयोजित हुए। इनमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया। हर मंच पर उनकी उत्सुकता, तैयारी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।


