राजस्थान विश्वविद्यालय के प्राणि शास्त्र विभाग में महिला संस्था रूवा की ओर से लैंगिक संवेदीकरण पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लैंगिक समानता के लिए शिक्षा और मानसिकता में बदलाव पर जोर दिया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए शिक्षा और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि लैंगिक समानता के लिए सिर्फ नीतियां नहीं, बल्कि सोच में बदलाव भी आवश्यक है। रूवा की अध्यक्ष डॉ. शशिलता पुरी ने कहा कि जेंडर संवेदनशीलता समतामूलक समाज की नींव है। उन्होंने बताया कि रूवा पिछले 50 वर्षों से महिला सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय के लिए काम कर रहा है। प्रोफेसर चीना पुरी ने पितृसत्ता की गहरी जड़ों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लैंगिक संवेदनशीलता के लिए शिक्षा और आत्म विश्लेषण जरूरी है। रूवा की संयुक्त सचिव डॉ. प्रिया डूडी ने स्टूडेंट्स से संवाद किया। उन्होंने कहा कि लैंगिक भेदभाव हमारी मानसिकता और परवरिश का परिणाम है। कार्यक्रम में प्राणि शास्त्र विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। डॉ. प्रतिभा सिंह रत्नू सहित कई प्रबुद्ध जन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


