भास्कर न्यूज | राजपुर अनुसूचित जनजाति की भूमि से जुड़ा एक गंभीर राजस्व फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्राम पंचायत कोदौरा के ग्रामीणों ने राजपुर प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने तत्कालीन तहसीलदार और हल्का पटवारी की मिलीभगत से राजस्व अभिलेखों में अवैध रूप से अपने नाम दर्ज करा लिया है। शिकायत के अनुसार ग्राम कोदौरा के रामसूरत कोड़ाकू की पारिवारिक भूमि खसरा नंबर 394/2 व 394/12 को आर्थिक तंगी के चलते करीब 15 वर्ष पूर्व खेती के उद्देश्य से अजय गुप्ता को अस्थायी रूप से दिया गया था। आरोप है कि अजय गुप्ता द्वारा भूमि पर मकान निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। भूमि वापस मांगने पर मारपीट और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही है। यह भूमि अनुसूचित जनजाति के भू-स्वामित्व की बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खसरा नंबर 394/11 रकबा 0.995 हेक्टेयर को तत्कालीन तहसीलदार सालिक राम गुप्ता व हल्का पटवारी अजेंद्र टोप्पो की मिलीभगत से अजय गुप्ता के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया गया। इसी तरह धर्मेंद्र गुप्ता द्वारा कोड़ाकू समाज के राम खेलावन की भूमि और सरिता देवी द्वारा बाबूलाल कोड़ाकू की भूमि को सह-खातेदार के रूप में अपने नाम दर्ज कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अजय गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, सरिता देवी व अन्य आरोपियों द्वारा लगातार उन्हें धमकाया जा रहा है जिससे पूरा गांव भय और तनाव में जीने को मजबूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए, राजस्व अभिलेखों में की गई कथित छेड़छाड़ की जांच कर वास्तविक भू-स्वामियों के नाम पुनः दर्ज किए जाएं और भूमि तत्काल वापस दिलाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे चक्काजाम करने को बाध्य होंगे। फर्जीवाड़े में पटवारी सहित दो आरोपी जा चुके हैं जेल इससे पूर्व भी ग्राम कोदौरा में भूमि फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था, जिसमें आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तत्कालीन पटवारी सहित एक आरोपी को जेल भेजा गया था। इस संबंध में एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है, मामले की जांच कराकर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


