राज्यपाल ने एनओसी में फंसी जलापूर्ति योजना की मांगी रिपोर्ट, पूछा- विभाग के स्तर से क्या किया गया

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने रांची, धनबाद, जमशेदपुर सहित अन्य शहरी निकायों में चल रही जलापूर्ति योजनाओं की धीमी गति पर संज्ञान लिया है। एनओसी नहीं मिलने की वजह से फंसी हुई जलापूर्ति योजना पर राज्यपाल ने रिपोर्ट मांगी है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि 15 फरवरी को दैनिक भास्कर समाचारपत्र में प्रकाशित खबर एनओसी में अटका 15 लाख लोगों का पानी, इस गर्मी में भी पाइपलाइन से नहीं बुझेगी प्यास… के संबंध में शीघ्र अपटूडेट रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। इसलिए संबंधित शहरी जलापूर्ति योजनाओं के पेंडिंग एनओसी के संबंध में विभागीय स्तर से की गई कार्रवाई के संबंध में शीघ्र अवगत कराएं। वैकल्पिक तैयारी में जुटा निगम, टैंकर से होगी जलापूर्ति
पाइपलाइन से जलापूर्ति नहीं होने की आशंका को देखते हुए नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुट गया है। शहर के 300 से अधिक मुहल्लों को चिह्नित किया गया है, जहां पानी की किल्लत होती है। ऐसे में इस बार भी टैंकर से जलापूर्ति की जाएगी। निगम प्रशासक संदीप सिंह ने सभी टैंकरों को दुरुस्त करने और ट्रैक्टर की मरम्मत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने टैंकरों की साफ-सफाई व रंग-रोगन करने के लिए कहा है, ताकि लोगों को साफ-स्वच्छ पानी मिले। एनएचएआई, रेलवे, पथ निर्माण, वन विभाग में मामला फंसा
रांची, धनबाद और जमशेदपुर सहित अन्य निकायों में सबसे अधिक मामला एनएचएआई से जुड़े हैं। एनएचएआई द्वारा रोड काटने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस वजह से अधिकतर स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का काम नहीं हो रहा है। इसके अलावा रेलवे, पथ निर्माण विभाग, वन विभाग, डीवीसी, बीसीसीएल सहित अन्य एजेंसियों से भी एनओसी नहीं मिल रहा है। इस वजह से कहीं पाइपलाइन बिछाने का तो कहीं जलमीनार बनाने का काम फंसा हुआ है। रांची में जलापूर्ति योजना फेज-वन, फेज-2 ए और फेज-2 बी का काम भी अटका हुआ है। रांची में 12 किमी राइजिंग पाइपलाइन नहीं बिछने से एक लाख घरों का पानी अटका
राज्यपाल के संज्ञान लेने के बाद नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको सभी जलापूर्ति योजनाओं के एनओसी को लेकर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। मालूम हो कि रांची, जमशेदपुर, धनबाद सहित अन्य शहरों में करीब 4000 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति योजनाएं चल रही हैं। रांची में मात्र 12 किमी राइजिंग पाइपलाइन नहीं बिछने की वजह से करीब एक लाख घरों का पानी अटक गया है। एनएचएआई को तिलता चौक से रातू रोड चौक तक पाइप बिछाने के लिए एनओसी के लिए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन एनओसी नहीं मिला। इस वजह से 2022 में पूरी होने वाली योजना 2025 में भी पूरी होगी या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता। ऐसे में इस गर्मी में भी रांची की बड़ी आबादी पानी के लिए भटकेगी। 15 फरवरी को प्रकाशित खबर रांची, जमशेदपुर, धनबाद सहित अन्य शहरों में करीब 4000 करोड़ की जलापूर्ति योजनाएं चल रही हैं

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