राज्य सरकार ग्राम पंचायतों में एक अनूठी योजना शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत आम लोगों को शादी-ब्याह सहित अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए महज तीन रुपए में बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके पीछे पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करना मुख्य उद्देश्य है। योजना के तहत पहले चरण में प्रत्येक जिले की 20 ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। इन पंचायतों में ये बर्तन मिलेंगे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बर्तनों को ग्राम पंचायतें खरीदेंगी या सरकार की ओर से खरीदकर उन्हें ग्राम पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार की तैयारी प्रदेश की एक हजार ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक बनाने की है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्राम पंचायतों में शादी ब्याह, सामाजिक कार्यक्रम, मौत-मरण आदि से जुड़े कार्यक्रमों में आम लोगों को होगा। बता दें कि प्रदेश में 11 हजार 304 पंचायतें हैं। उदयपुर जिले में इनकी संख्या 649 है। पंचायतीराज विभाग की अगुवाई में बनेगा बर्तन बैंक n बर्तन देने के दौरान बीपीएल, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांग आदि को विशेष परिस्थितियों में किराए में 50% की छूट दी जा सकेगी। गाइड लाइन में यह स्पष्ट निर्देश दिए है कि बर्तन खोने और टूटने पर उपयोगकर्ता से भरपाई की जाएगी। फिलहाल पंचायतीराज विभाग की अगुवाई में बर्तन बैंक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। अभी यह तय नहीं है कि बर्तन कौन-कौनसे होंगे और कितनी संख्या में होंगे। अभी ऐसे कार्यक्रमों में प्लास्टिक से बने बर्तन भी उपयोग में लिए जाते हैं। इसके अलावा यह भी सामने नहीं आया है कि इन बर्तनों में केवल खाना परोसने वाले बर्तन शामिल होंगे या खाना पकाने के बर्तन भी दिए जाएंगे। हर साल एक पंचायत में औसतन 20-30 कार्यक्रम औसत रूप से एक ग्राम पंचायत में एक हजार से 1200 तक घर और 5 हजार से अधिक जनसंख्या होती है। औसत रूप से एक साल में 20 से 30 तक विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम इन ग्राम पंचायतों में होते हैं। अभी आम लोग अपने कार्यक्रमों में कागज-पत्ते-प्लास्टिक से बने बर्तनों के अलावा स्टील आदि के बर्तन भी काम में लेते हैं। टेंट आदि से लेने पर स्टील के बर्तन काफी महंगी दर पर मिलते हैं।


