रानी अहिल्याबाई का जीवन शक्ति की मिसाल: सरला

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर भाजपा सरगुजा ने एक दिवसीय जिला कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम संकल्प भवन, भाजपा कार्यालय अंबिकापुर में हुआ। इसमें जिलेभर से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया रहीं। अध्यक्षता भाजपा सरगुजा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने की। कार्यशाला की शुरुआत रानी अहिल्याबाई की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। सरला कोसरिया ने कहा कि रानी अहिल्याबाई का जीवन भारतीय नारी शक्ति की प्रतीक है। उन्होंने धार्मिक भावना से शासन किया। सामाजिक न्याय और धर्मस्थलों के संरक्षण में अग्रणी रहीं। अपने शासनकाल में 2176 मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया। महिला सेना बनाई, जो राज्य की रक्षा में सक्रिय रही। कोसरिया ने कहा कि रानी अहिल्याबाई इतनी न्यायप्रिय थीं कि एक बछड़े की मृत्यु पर अपने पुत्र को दंड दिया। प्रजा ने दया की अपील की, फिर भी उन्होंने न्याय किया। यह प्रसंग उनके राजधर्म के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी देती है। महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने सती प्रथा का विरोध किया। स्वयं सती न होकर राज्य की बागडोर संभाली। हजारों तालाब, मंदिर और जनकल्याणकारी संरचनाएं बनवाईं। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों ने आक्रांताओं को स्थान दिया, लेकिन रानी अहिल्याबाई जैसी राष्ट्रसेवी नायिकाओं को उपेक्षित किया। यह इतिहास लेखन का षड्यंत्र है, जिसे जनजागरण से तोड़ा जा सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि बच्चों को इतिहास में मुगलों की जानकारी दी जाती है, लेकिन रानी अहिल्याबाई जैसे महापुरुषों को भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों को इतिहास में उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने रानी अहिल्याबाई की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें अपने इतिहास को आत्मसात करना होगा और नई पीढ़ी को महापुरुषों के बारे में बताना होगा।

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