राजधानी के कांपा-डब्ल्यूआरएस रोड पर सोमवार को बोरवेल कारोबारी से हुई 15 लाख रुपए की लूट की घटना फर्जी निकली। कारोबारी चिराग जैन ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड में 13 लाख रुपए लगाए थे, जो डूब गए। इधर, उसे ओडिशा के एक कारोबारी को 15 लाख रुपए लौटाने थे। वह लगातार चिराग को फोन कर रहा था। एमसीएक्स में नुकसान की वजह से चिराग कारोबारी को पैसा लौटाना नहीं चाहता था। इसलिए उसने लूट की प्लानिंग की और झूठी कहानी गढ़ी। उसने खुद ही अपने मोबाइल को फेंका और गले पर चाकू से चोट पहुंचाई। फिर परिजनों व पुलिस को सूचना दी। पुलिस को रिपोर्ट के पांच घंटे बाद ही शक हो गया कि घटना फर्जी है। क्योंकि पुलिस को किसी भी संदेही का सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध मोबाइल नंबर नहीं मिला। कोई भी पीछा या रेकी करते हुए दिखाई नहीं दिया। इसलिए पुलिस ने कारोबारी चिराग को बैठाकर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और फर्जी लूट की रिपोर्ट करना कबूल कर लिया। पुलिस कारोबारी पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उसके खिलाफ कोर्ट में फर्जी रिपोर्ट लिखाने और लूट की सूचना देने का इस्तगासा पेश करेगी। कोर्ट के निर्देश के बाद ही कारोबारी पर केस दर्ज किया जाएगा। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि वालफोर्ट निवासी चिराग जैन की बोरवेल पार्ट्स सप्लाई की देवेंद्र नगर और स्टेशन रोड पर दुकान है। वह देवेंद्र नगर स्थित दुकान संभालता है। उसने कारोबार के सिलसिले में ओडिशा के कारोबारी से 15 लाख रु. लिया था। शेष|पेज 12


