शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बुधवार को खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका दूसरे वनडे से टिकट से करीब 18 करोड़ रुपए कमाई होने का अनुमान है। स्टेडियम की दर्शक क्षमता 65 हजार है। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने 46 हजार टिकट की ऑनलाइन बिक्री करने का फैसला किया था। इसकी गेट फीस यानी टिकट से होने वाली पूरी कमाई छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को मिलती है। लेकिन मैच देखने हर स्टैंड में करीब दोगुने लोग पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार मैच के दौरान स्टेडियम 90% भरा रहा। यानी करीब 58 हजार 500 दर्शक मैच देखने पहुंचे। स्टैंड टिकटों की अलग-अलग कैटेगरी को जोड़कर औसत टिकट मूल्य लगभग 3,500 रुपए माना जाए, तो राज्य क्रिकेट संघ को करीब 8 करोड़ रुपए मिलेंगे। बीसीसीआई की होस्टिंग फीस 1.62 करोड़ रुपए भी इसमें शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक बीसीसीआई को वनडे मैच से औसतन 70 से 78 करोड़ का राजस्व मिलता। इसमें लोकल राजस्व जैसे टिकटों की बिक्री आदि अलग से है। एमओयू के तहत अंतरराष्ट्रीय मैच कराने पर राज्य सरकार को देंगे सिर्फ 20 लाख रुपए
छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (सीएससीएस) के बीच नया रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन, उन्नयन और प्रबंधन के लिए 30 साल की लीज का करार हो गया है। पिछले दिनों कैबिनेट से मिली मंजूरी के बाद खेल संचालक तनुजा सलाम और क्रिकेट संघ के डायरेक्टर बलदेव सिंह भाटिया और विजय शाह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। 2008 में बना देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम अब तक पर्याप्त राजस्व नहीं दे पाया था, जबकि इसके रखरखाव पर हर साल तीन से चार करोड़ रुपए खर्च हो रहे थे। नए मॉडल के तहत अब संघ संचालन, रख-रखाव और तकनीकी उन्नयन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा। सीएससीएस हर साल सरकार को 1.5 करोड़ रुपए भुगतान करेगा। जिसमें हर तीन साल में वृद्धि होगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मैच पर 20 लाख और आईपीएल मैच पर 30 लाख रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। क्रिकेट बोर्ड और राज्य संघ के बीच 70:30 का मॉडल क्रिकेट बोर्ड और राज्य संघों के बीच आमतौर पर टिकट राजस्व का 70:30 मॉडल माना जाता है। इसी आधार पर राज्य संघ की हिस्सेदारी का अनुमान लगाया गया है। टिकटों और वेंडर्स से फीस मिलती है, उस राजस्व का हिस्सा क्रिकेट संघ से साझा किया जाता है। इसके पहले 2023 में हुए मैच में भी राज्य संघ को लगभग 1.7 करोड़ रुपए की होस्टिंग फीस बीसीसीआई की ओर से दी गई थी। जबकि टिकट से हुई कमाई संघ ने सभी मदों पर खर्च करना बताया है। इसके अलावा ब्रॉडकास्टिंग और सेंट्रल स्पॉन्सरशिप से होने वाली कमाई पर पूरा नियंत्रण बीसीसीआई का ही रहता है। हालांकि इन आय का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाता।


