रायसेन शहर में शहंशाह-ए-मालवा बाबा पीर फतह उल्लाह साहब की दरगाह शरीफ पर आयोजित तीन दिवसीय सालाना उर्स का समापन शनिवार सुबह ‘कुल की दुआ’ के साथ हुआ। इस दौरान देशभर से आए जायरीनों ने अमन, चैन और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। उर्स के अवसर पर दरगाह शरीफ को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। शुक्रवार-शनिवार की रात कव्वालियों का आयोजन किया गया, जिसमें उज्जैन, कोटा (राजस्थान), बिजनौर और भोपाल के मशहूर कव्वालों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। देर रात तक चली इन कव्वालियों ने जायरीनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस तीन दिवसीय उर्स में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचे जायरीनों ने देश की तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए भी दुआएं कीं। एक श्रद्धालु शफीक खान ने बताया, “बाबा की दरगाह पर आकर दिल को सुकून मिलता है। यहां हर साल उर्स में शामिल होकर हम अमन-ओ-चैन और खुशहाली की दुआ करते हैं।”


