राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार:बावरिया समुदाय का एक व्यक्ति हिरासत में, ग्रामीणों में आक्रोश

जिले के धनुरी थाना क्षेत्र के नांद के बास गांव में रविवार को राष्ट्रीय पक्षी मोर (मादा) के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए शिकार की बात कबूलने वाले बावरिया समुदाय के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान विमल बावरी पुत्र भींवाराम बावरी निवासी ग्राम नांद के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने बंदूक से गोली मारकर मोर का शिकार किया और उसे अपने डेरे में गाड़ दिया था। ग्रामीणों की सूचना पर हुआ खुलासा; जोहड़ के पास मिला था मृत मोर जब नांद के बास गांव के ग्रामीणों ने पीपल के जोहड़ में एक मोर को मृत अवस्था में देखा। मोर के शरीर पर चोट के निशान देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने तत्काल धनुरी थाना पुलिस को सूचित किया और आरोप लगाया कि जोहड़ के पास अस्थायी रूप से डेरा डालकर रह रहे बावरिया जाति के कुछ लोगों ने इस राष्ट्रीय पक्षी की हत्या की है। सूचना मिलते ही एएसआई ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एएसआई शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 9:45 बजे सूचना मिली थी और मौके पर मोर मृत पड़ा था, जिसके शरीर पर कुछ निशान थे। पुलिस ने वन विभाग को सूचित किया और बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चलेगा। रेंजर के बयान से स्पष्ट हुआ मोर का शिकार; आरोपी ने कबूला जुर्म घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। रेंजर विजय फगेड़िया ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नांद चुड़ैला के पास पीपल की जोहड़ी में राष्ट्रीय पक्षी मोर (मादा) के शिकार की सूचना ग्रामीणों द्वारा दी गई थी। रेंजर विजय फगेड़िया का बयान: “आज ग्राम नाद चुड़ैला के पास पीपल की जोहड़ी में एक राष्ट्रीय पक्षी मोर (मादा) की शिकार की सूचना ग्रामीणों द्वारा दी गई। जिस पर मय टीम के साथ ग्राम नांद में पहुंचे, जहां पर एक राष्ट्रीय पक्षी मोर बावरियों के डेरे में मृत अवस्था में पड़ा था, जिसको कब्जे राज लेकर कार्रवाई शुरू की। बावरियों के डेरे की तलाशी करने पर डेरे में मृत मादा मोर के पंख मिले, जिसको कब्जे राज लिया। मौके पर एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसका नाम विमल बावरी पुत्र भींवाराम बावरी निवासी ग्राम नांद पुलिस थाना धनूरी है। पूछताछ करने पर उसने कहा कि मोर का शिकार मेरे द्वारा किया गया। मोर मेरे डेरे की तरफ आ रहा था, मैंने देखा मेरे पास बंदूक पड़ी थी, उसको उठाकर गोली मार दी। उसके बाद मैंने मोर उठाकर डेरे में गाड़ दिया। ग्रामीणों के सहयोग पर मुलजिम को डिटेन कर रेंज कार्यालय बीड़ झुंझुनूं में लाया गया। अनुसंधान जारी है।” ग्रामीणों ने पहले भी जताई थी शिकार की आशंका; कड़ी कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने बताया कि बावरिया परिवार के कुछ लोग पिछले कुछ दिनों से जोहड़ किनारे डेरा डालकर रह रहे थे और शनिवार रात को उनकी संदिग्ध गतिविधियां भी देखी गई थीं। नांद के बास निवासी जगदीश सिंह ने बताया कि सुबह जब ग्रामीण जोहड़ की ओर गए, तो वहां मृत मोर पड़ा मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि इस इलाके में इससे पहले भी पक्षियों और छोटे जानवरों के शिकार की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग पूरी जांच करे और दोषियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मोर राष्ट्रीय पक्षी है और इसके शिकार या हत्या पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त सजा का प्रावधान है। फिलहाल, आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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