जिले के पहले लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व व दूसरी लेपर्ड सफारी को लेकर राहतभरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने शहर के करीबी अमरखजी लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व प्रोजेक्ट के लिए डीएमएफटी से 15 कराेड़ रुपए का बजट स्वीकृत कर दिया है।
बजट की स्वीकृति मिलते ही विभाग ने रिजर्व में वाटर हाेल बनाने, सफारी ट्रैक, वाॅच टावर, सुरक्षा चाैकी, दीवार, ग्रासलैंड जैसे कामों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मकर संक्रांति के बाद प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी। यह प्राेजेक्ट 3 साल में पूरा हाेगा। हालांकि, विभाग ट्रैक, एंट्री गेट जैसे कामों को पहले करवाकर अगले साल की शुरुआत तक सफारी शुरू कराने की तैयारी कर है। जिससे उदयपुर में वाइल्ड टूरिज्म काे बढ़ावा मिल सके। 107 किमी के 3 ट्रैक, 68 किमी की सुरक्षा दीवार बनेगी अमरखजी रिजर्व का एरिया 7400 हेक्टेयर है। इसमें नया एरिया शामिल करने की भी काेशिश की जा रही है। रिजर्व में सफारी के लिए 3 ट्रैक तैयार किए जाएंगे। इनकी लंबाई 33 किमी, 20.5 किमी और 53.5 किमी होगी। अभी 12 किमी का एक ट्रैक तैयार है। अब इसकी लंबाई को बढ़ाकर 16 किमी तक किया जाएगा। रिजर्व एरिया में उदयसागर झील के अलावा 40 किमी दूर मावली और कुराबड़ रेंज भी आएंगी। रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और इलाके को अतिक्रमण से बचाने के लिए 6 फीट ऊंची 68 किमी की दीवार बनाई जाएगी। प्राेजेक्ट की लागत 30 कराेड़ रु., विभाग ने अभी मांगे थे 4 करोड़
अमरखजी लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 30 करोड़ रुपए है। विधानसभा सत्र के दाैरान करीब पांच माह पहले वन मंत्री ने प्राेजेक्ट के बारे में जानकारी दी थी। इसमें मंत्री ने इस प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करने की घोषणा की थी। मंत्री ने कैंपा (प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण) और जायका (जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी) से फंड देने की बात कही थी। इस वित्तीय वर्ष में वन विभाग की ओर से 4 करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव भेजा गया था। अब डीएमएफटी से फंड मिलने से प्राेजेक्ट काे गति मिली है।


