‘राहुल गांधी की नागरिकता रद्द होगी, मेरे पास ठोस सबूत’:पहली बार सामने आए याचिकाकर्ता का दावा; बोले-FIR भी कराएंगे

राहुल गांधी की नागरिकता रद्द होगी, याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय और हाईकोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए हैं। भारत सरकार ने मामले पर ब्रिटेन सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमने रायबरेली MP/MLA कोर्ट में 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराने की तैयारी की है। यह दावा है राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर करने वाले विग्नेश शिशिर का। मामले की लखनऊ हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन टल गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जवाब दाखिल करने के लिए 8 सप्ताह का समय मांगा है। अब अगली सुनवाई मार्च 2025 में होगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में कर्नाटक के विग्नेश शिशिर ने अपनी रणनीति का खुलासा किया। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मामले पर क्या सुनवाई हुई?
जवाब: 25 नवंबर को यह मामला हाईकोर्ट में आया। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि 19 दिसंबर तक राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने की याचिका पर निर्णय लिया जाए। फिर 19 दिसंबर को सुनवाई हुई। इस दौरान गृह मंत्रालय ने जवाब दाखिल करने के लिए 8 हफ्ते का समय मांगा। भारत सरकार ने UK सरकार से भी संपर्क किया है, लेकिन वहां से अब तक जवाब नहीं आया है। कोर्ट में अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी। सवाल: रायबरेली में दर्ज की जाने वाली रिपोर्ट क्या है?
जवाब: जुलाई में हमने रायबरेली के SP से राहुल पर FIR दर्ज करने की अपील की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हम रायबरेली MP/MLA कोर्ट में भी 150 IPC के तहत एक अलग FIR दर्ज कराएंगे। यह मामला भी उनकी नागरिकता के संदर्भ में है। सवाल: पहले भी राहुल की नागरिकता पर याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
जवाब: हमारी याचिका ठोस है। हमने गृह मंत्रालय के समक्ष पुख्ता सबूत पेश किए हैं। हमें ब्रिटिश सरकार से कुछ आधिकारिक पत्राचार मिले हैं, जो मामले को मजबूत करते हैं। इन सभी सबूतों को हमने हाईकोर्ट में दाखिल किया है। कुछ गोपनीय साक्ष्य भी CBI को सौंपे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि इन सबूतों के आधार पर गृह मंत्रालय राहुल की नागरिकता रद्द करेगा। सवाल: क्या राहुल या उनके वकील कोर्ट में पेश हुए?
जवाब: राहुल या उनके वकील अब तक कोर्ट में पेश नहीं हुए। यह मामला फिलहाल तकनीकी कानूनी बिंदुओं पर चल रहा है। सिटीजनशिप एक्ट के तहत गृह मंत्रालय ही अंतिम निर्णय लेने वाला सक्षम प्राधिकरण है। 4 अक्टूबर को इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई थी, जिस पर कार्रवाई जारी है। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि गृह मंत्रालय राहुल गांधी की नागरिकता रद्द करने का फैसला करेगा। जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में गृह मंत्रालय को 19 दिसंबर तक फैसला लेने को कहा था। मंत्रालय ने अब 8 सप्ताह का समय मांगा है। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर याचिका का भविष्य अब अगले 8 हफ्तों की जांच और रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। कौन हैं विग्नेश शिशिर?
याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर कर्नाटक के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रोफाइल में उन्होंने खुद को BJP कार्यकर्ता और डॉ. आंबेडकर का फैन बताया है। राहुल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राहुल गांधी की नागरिकता पर फैसला टला:गृह मंत्रालय ने लखनऊ हाईकोर्ट से 8 सप्ताह का समय मांगा, कहा– यूके गवर्नमेंट को पत्र लिखा है कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई टल गई है। गुरुवार (19 दिसंबर) को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने आठ सप्ताह का समय दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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