राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीते मंगलवार की रात करीब 8:15 बजे अस्पताल की पहली मंजिल (सर्जरी वार्ड) में ड्यूटी कर रही एक महिला डॉक्टर के साथ एक अज्ञात व्यक्ति ने छेड़खानी की। डॉक्टर ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सीढ़ी से पहले तीसरी मंजिल गया और फिर दूसरे रास्ते रिम्स के बाहर भाग निकला। जूनियर डॉक्टरों के अनुसार, आरोपी का फुटेज सीसीटीवी में कैद हो गया है, जिसे प्रबंधन और पुलिस को सौंपा गया है। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि घटना के वक्त पूरे फ्लोर में करीब छह होम गार्ड के जवान ड्यूटी में तैनात थे। जिस जगह घटना हुई वहां भी दो-दो होमगार्ड तैनात थे, जब महिला डॉक्टर ने शोर मचाया तो केवल एक महिला होमगार्ड ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही। बुधवार को इस गंभीर मामले को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने रिम्स प्रबंधन के साथ बैठक की। जिसमें अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी, होमगार्ड सुपरवाइजर, बरियातू थाना प्रभारी मनोज कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। घटना को लेकर रिम्स प्रबंधन ने दर्ज कराई एफआईआर रिम्स जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अभिषेक ने बताया कि अधिकारियों के साथ हुए बैठक में तय हुआ कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले होमगार्डों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनकी नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सिक्योरिटी सुपरवाइजर को निर्देश दिया कि वे हर घंटे अस्पताल का राउंड लेंगे और जवानों की ड्यूटी में नजर रखेंगे। यदि किसी की लापरवाही मिलती है, तो वे अपर चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जानकारी देंगे, जिसके बाद लापरवाही बरतने वाले गार्ड पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, महिला चिकित्सक के साथ हुए छेड़खानी की घटना को लेकर रिम्स प्रबंधन की ओर से एक संस्थागत एफआईआर भी दर्ज कराई गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को तलाश रही है। सुरक्षा पर फिर उठे सवाल… जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि फ्लोर में छह से ज्यादा होम गार्ड तैनात थे। जहां घटना हुई, वहां दो गार्ड मौजूद थे। इसके बावजूद आरोपी भाग निकला। जूनियर डॉक्टरों ने इसे होम गार्ड का फेलियर बताया।


