सोशल मीडिया के विवाद में एक विवाहिता के चेहरे पर तेज़ाब फेंके जाने का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर 2 बजे गुरुज्ञान विहार फेस-1 में हुई वारदात में जख्मी हुई 35 वर्षीय महिला मूल निवासी जिला हरदोई, (यूपी) की रहने वाली है। वारदात के समय महिला दिहाड़ी पर काम कर रही थी। तभी एक बाइक सवार व्यक्ति उसके पास आया। पीड़िता के उसके पास आते ही उसने कहा, अब तुम्हे किसी काम के लायक नहीं रहने देंगे “ इतना कहते ही उस पर तेजाब फेंक दिया। हमले की वजह से महिला की आंखें, चेहरा बुरी तरह से झुलस गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने सिर पर पगड़ी बांध रखी थी और हेलमेट लगाया हुआ था। अचानक हमला होने की वजह से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। क्या कहता है कानून और क्या है सजा का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत तेजाब फेंकना एक अत्यंत संगीन और गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए धारा 124(1) के तहत कम से कम 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है। तेजाब फेंकने का प्रयास करने पर धारा 124(2) के अंतर्गत 5 से 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। बीएनएस की धारा 499 मानहानि को किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से झूठा बयान प्रकाशित करना परिभाषित करती है, जबकि धारा 500 में जुर्माने, कारावास या दोनों सहित दंडों का प्रावधान है। सोशल मीडिया उत्पीड़न से तात्पर्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके किसी व्यक्ति को बार-बार धमकाने, शर्मिंदा करने, डराने या अपमानित करने से है। एक बार की आपत्तिजनक टिप्पणी के विपरीत, उत्पीड़न में लगातार ऐसा व्यवहार शामिल होता है जिसका उद्देश्य पीड़ा पहुंचाना होता है। फर्जी अकाउंट से वीडियो पोस्ट कर बताता था बाजारू घायल की बहन ने बताया कि हमलावर चंडीगढ़ से आया है। वह उसे पहचानती है। दरअसल, वह खुद सोशल मीडिया पर रील्स बनती है। जिसे काफी लोग पसंद करते हैं। लेकिन पिछले कई महीनो से चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति उन्हें रोस्ट (बेइज्जती करना) कर रहा था। आरोपी ने एक इंस्टाग्राम का अकाउंट बनाकर उनकी वीडियो को उपलोड करते हुए गंदी गालियां और बाजारू औरत बताया। जिससे उनकी वीडियो पर लोग अभद्र कमेंट करते थे। गंदे-गंदे मैसेज करते थे। जब ये वीडियो उनके परिवार तक पहुंची तो उन्हें काफी अपमान सहना पड़ा। पहले उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए आरोपी से संपर्क कर उसे गलियां दी। लेकिन उसके बावजूद आरोपी नहीं रुका तो उन्होंने 20 दिन पहले थाना दुगरी में शिकायत दी। तब पुलिस ने आरोपी को फोन कर लुधियाना आने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद पुलिस ने उनके मामले की कोई सुनवाई नहीं की। बहन ने बताया कि पिछले 3 दिनों में आरोपी ने उनकी 20 वीडियो को गलत तरीके से सोशल मीडिया पर चलाते हुए उन्हें वायरल किया। आज तो उस समय हद हो गई जब वह सोमवार को वारदात अंजाम देने के लिए खुद लुधियाना आ गया। पीड़िता ने बताया कि जब वे उसके बुलाने के पर पास गई तो उसने खुद का चेहरा दिखाते हुए कहा, अब तुम्हे किसी काम के लायक नहीं रहने देंगे। जब तक वह कुछ समझ पाती, उसने चेहरे पर तेज़ाब फेंक दिया और फरार हो गया। बहन ने बताया कि हमले के बाद से ही वह अलग-अलग अस्पतालों में पीड़िता को लेकर घूमते रहे। फिर जब शाम को सिविल अस्पताल लेकर गए। उसके बाद रात को थाना दुगरी की पुलिस को शिकायत लिखवाई।


