रीवा में ‘शादी के कार्ड’ से साइबर ठगी:दोस्त के नंबर से आई APK फाइल खोली, खाता खाली; पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

रीवा जिले में APK फाइल के जरिए साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक जिले के एक दर्जन से ज्यादा लोग इस ठगी की चपेट में आ चुके हैं, जिनके बैंक खातों से राशि ट्रांसफर कर ली गई है। ठग शादी के कार्ड, चालान और बिजली बिल के नाम पर फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए रीवा पुलिस ने आमजन के लिए साइबर एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। पीड़ितों में शामिल राजेश मिश्रा ने बताया कि उनके एक अविवाहित दोस्त के वॉट्सऐप नंबर से शादी का कार्ड आया था। उन्होंने इसे दोस्त की शादी का शुभ संदेश समझा और बिना किसी संदेह के APK फाइल खोल ली। इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल हैंग होने लगा और फिर पूरी तरह हैक हो गया। हैकिंग के बाद उनके बैंक खाते से पैसे ट्रांजैक्शनF हो गए। करीब 24 घंटे तक उनका मोबाइल ठीक से काम नहीं कर पाया। बाद में पता चला कि दोस्त का वॉट्सऐप पहले ही हैक था और उसी के जरिए फाइल आगे भेजी जा रही थी। ऐसे जाल में फंसा रहे साइबर ठग पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी WhatsApp, SMS, Telegram और ई-मेल के जरिए शादी के कार्ड, ट्रैफिक चालान, बैंक KYC अपडेट, अकाउंट ब्लॉक होने की सूचना, कूरियर-पार्सल या बिजली बिल के नाम पर APK फाइल भेज रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद OTP, पासवर्ड और बैंक डिटेल के जरिए खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। पुलिस की सलाह- अनजान फाइल डाउनलोड न करें रीवा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड न करें। शादी का कार्ड या बैंक से जुड़ी कोई सूचना APK फाइल के रूप में नहीं आती। केवल Google Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल में “Unknown Sources” का विकल्प बंद रखें। ठगी होने पर यहां करें शिकायत पुलिस ने कहा है कि OTP, PIN और CVV जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार होता है या संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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