जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एडीजे रेखा यादव ने शुक्रवार को सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह सेंटर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सचिव रेखा यादव ने पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर में दर्ज हिंसा पीड़ित महिलाओं के केस रजिस्टरों की भी जांच की, जिसमें सभी एंट्रियां सही पाई गईं। केंद्र प्रबंधक ने बताया कि निरीक्षण के समय एक महिला मेडिकल के लिए गई हुई थी। वहीं, एक अन्य महिला के मामले का निस्तारण कर उसे 28 नवंबर 2025 को उसके घर भेज दिया गया था। सचिव ने वन स्टॉप सेंटर के सभी कमरों की साफ-सफाई, पंखे, भोजन, पानी और सर्दियों के मौसम के लिए उपलब्ध रजाई-गद्दों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में उपस्थित स्टाफ को घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, गर्भ का चिकित्सकीय समापन, मातृत्व लाभ, कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम जैसे विभिन्न कानूनों के संबंध में जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीकी, लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण निषेध अधिनियम और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 पर भी जानकारी दी गई। सचिव रेखा यादव ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा हिंसा की शिकार महिलाओं को 24 घंटे आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने आमजन को इन सुविधाओं के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया। सेंटर का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे एकीकृत समर्थन और सहायता प्रदान करना है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक शिप्रा पचौरी, काउंसलर शिल्पा शर्मा और अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।


