दूसरे चरण के जिला पंचायत चुनाव में सूरजपुर जिले में भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह की पुत्री मोनिका सिंह ने क्षेत्र क्रमांक 15 से जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। एक सीट पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी एवं एक में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को जीत मिली है। सरगुजा जिले में भाजपा के चारों समर्थित प्रत्याशी जिला पंचायत का चुनाव हार गए हैं। बलरामपुर जिले में तीसरे चरण में भी भाजपा को बढ़त मिली है। त्रिस्तीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सरगुजा एवं सूरजपुर जिले में भाजपा को फिर झटका लगा है। सूरजपुर जिले में जिला पंचायत के दो क्षेत्रों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी हार गए हैं। एक में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनी है एवं एक क्षेत्र में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को जीत मिली है। रेणुका की बेटी ने जीता चुनाव
सूरजपुर के जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 15 में भाजपा के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ बगावत कर चुनाव मैदान में उतरी विधायक रेणुका सिंह की बेटी मोनिका सिंह ने दर्ज की है। उन्होंने पूर्व मंत्री स्व. तुलेश्वर सिंह के बेटे कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सतवंत सिंह को 2958 मतों से हराया। यहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे। जिला पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 14 से कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व सांसद खेलसाय सिंह की बहू उषा सिंह चुनाव हार गई हैं। उन्हें भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी रेखा राजवाड़े ने 4200 मतों के बड़े मतांतर से शिकस्त दी है। क्षेत्र क्रमांक 13 में कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी हेमलता राजवाड़े ने भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी मंजू साहू को करीब 2800 मतों से शिकस्त दी है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 13 प्रेमनगर में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। यहां भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी, भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी नयन सिदार एवं निर्दलीय सीमा सिंह टेकाम के बीच त्रिकोणीय मुकाबला फंसा हुआ है। कम मतांतर होने के कारण स्पष्ट नहीं है। सरगुजा में भाजपा के सभी अधिकृत प्रत्याशी हारे
त्रदूसरे चरण में सीतापुर एवं मैनपाट ब्लाकों के चार जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव हुए। चारों में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की हार हुई है। क्षेत्र क्रमांक 11 सीतापुर से शकुंतला पैकरा चुनाव हार गई हैं। वहीं क्षेत्र क्रमांक 12 से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी धनेश्वर राम भी चुनाव हार गए हैं। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 13 में बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी सेतराम बड़ा चुनाव हार गए हैं। यहां अखिलेश कुजुर की जीत हुई है। इस क्षेत्र में कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया था। अखिलेश कुजुर को कांग्रेस का समर्थन था। क्षेत्र क्रमांक 14 से भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी बसंती एक्का चुनाव हार गई हैं। यहां से रत्नी माझी ने जीत दर्ज की है। रत्नी माझी निर्दलीय प्रत्याशी हैं, हालांकि उन्हें कांग्रेसियों का समर्थन था। पहले चरण में भाजपा के खाते में चार सीटें
पहले चरण में सरगुजा की सात सीटों में चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा के तीन समर्थित प्रत्याशी जीते थे। एक भाजपा नेत्री राधा रवि ने भाजपा ज्वाइन कर लिया है। इसके बाद भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 4 हो गई है। बलरामपुर में भाजपा को बढ़त
बलरामपुर जिले में दूसरे चरण में भी भाजपा को बढ़त मिली है। दूसरे चरण में दो जिला पंचायत क्षेत्रों में चुनाव हुए थे। क्षेत्र क्रमांक 7 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी अनिता मरकाम ने चुनाव जीत लिया है। वहीं क्षेत्र क्रमांक 8 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी धीरज सिंहदेव बड़े मतांतर से चुनाव जीत गए हैं। पहले चरण में सभी 6 सीटों पर भाजपा का कब्जा
बलरामपुर जिले में पहले चरण में जिला पंचायत के छह सीटों पर चुनाव हुए थे। इनमें से सात में भाजपा के समर्थित प्रत्याशी चुनाव जीते थे। भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे पूर्व विधायक एवं सामरी विधायक के पति सिद्धनाथ पैकरा ने भी जीत दर्ज की है। बलरामपुर में जिला पंचायत पर फिर से भाजपा का कब्जा तय हो गया है।


