रोक के बावजूद 7 साल से ज्यादा सर्विस वाले 5 कर्मी आरसी लगे

डीसी दफ्तर में अफसरों और यूनियन नेताओं के इशारे पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में सेटिंग का खेल अंदरखाते चल रहा है। पंजाब सरकार ने 6 माह पहले आदेश जारी किया था कि 7 साल से ज्यादा सर्विस दे चुके मुलाजिमों को तहसीलों में रजिस्ट्री क्लर्क (आरसी) नहीं लगाया जाएगा। मगर नियमों को ताक पर रख 4 तहसीलों में आरसी पोस्ट पर 5 मुलाजिमों को तैनाती दी गई है। इसमें 20 साल से ज्यादा समय से सर्विस दे रहे रणधीर सिंह को बाबा बकाला तहसील में आरसी लगाया गया है जो कुछ साल में रिटायर हो जाएंगे। वहीं तहसील-2 में ताजविंदर को पक्के तौर पर तो राजन शर्मा को आरसी का एडिश्नल चार्ज सौंपा गया है। इसमें ताजविंदर पहले से ही आरसी लगा हुआ है। डीसी से जारी आदेश की कॉपी में 10वें नंबर पर जूनियर सहायक रणधीर तो 7वें नंबर पर असलहा ब्रांच में तैनात क्लर्क राजन शर्मा का नाम दिया हुआ है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि ऑर्डर जारी हुए 5 दिन बीत चुके है लेकिन इस तरफ किसी अफसर का ध्यान नहीं गया। जिससे डीसी ऑफिस के दूसरे मुलाजिमों में अंदरखाते नाराजगी बनी हुई है। ईओ दफ्तर से ट्रांसफर लिस्ट तैयार होती है। लिस्ट में नाम व पद इस तरह से लिखे जाते हैं कि ऑर्डर के दौरान डीसी भी न समझ सकें कि क्या खेल किया गया है। 5 दिन पहले हुए ट्रांसफर ऑर्डर में 10वें नंबर पर जिस जूनियर सहायक रणधीर को सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में रजिस्ट्री क्लर्क लगाया गया है, तैनाती के आगे सिर्फ क्लर्क लिख दिया गया। जबकि बाबा बकाला में जिस मुलाजिम करनबीर की जगह यह जिम्मेदारी सौंपी गई वह आरसी से जुड़ा काम देखता था। कई मुलाजिमों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सारा खेल कुछ उच्च अफसरों व यूनियन नेताओं के इशारे पर चल रहा है। डीसी दफ्तर सूत्रों की मानें तो 4 तहसीलों में जो 5 मुलाजिम आरसी लगाए गए हैं, उनमें अधिकतर 10 साल से अधिक सर्विस कर चुके हैं। वहीं, बाबा बकाला तहसील और तहसील- 2 के अलावा तहसील अजनाला में रसपिंदर को और राजासांसी में रणजीत सिंह को पहले ही आरसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों मुलाजिम महीनों से सीट पर काम देख रहे। इनमें रणजीत पहले पिअन था जिसका प्रमोशन क्लर्क पद पर हुआ था। गौर हो कि पंजाब सरकार ने 6 माह पहले जुलाई 2025 में आदेश जारी किया था कि 7 साल से कम अनुभव वाले मुलाजिमों को ही तहसीलों में आरसी लगाया जाएगा। जिसके बाद डीसी ने 7 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रहे आरसी का तबादला कर कम अनुभव वालों को जिम्मेदारी सौंपी थी। मामले को लेकर डीसी दलविंदरजीत सिंह से पूछा गया मगर चुप रहना जरूरी समझा।

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