आम बजट में खास तौर पर अमृतसर के लिए कुछ भी नहीं है, मगर अलग-अलग सेक्टर के हिसाब से एनालिसिस किया जाए तो विदेश घूमने जाने वाले या स्टडी करने जाने वाले छात्रों के लिए सरकार के नए प्रावधान फायदेमंद हैं। टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने से सालाना करोड़ों रुपए मिलेगी। वहीं, प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों के लिए ईपीएफ अनिवार्य वेतन सीमा बढ़ने से 60 से 87 हजार कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में औसतन 28-28 हजार रुपये सालाना अतिरिक्त जमा होंगे। जिले के 60 हजार एमएसएमई यूनिटों, खासकर टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को अब लोन और वित्तीय सहूलियत आसानी से मिल सकेंगी। कस्टम ड्यूटी में कटौती से माइक्रोवेव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री बढ़ सकती है। अमृतसर से हर साल 13 से 14 हजार छात्र विदेश पढ़ने जाते हैं और प्रति छात्र औसतन 10 लाख रुपये खर्च मानें, तो टीसीएस दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने से छात्रों को 39 से 42 करोड़ रुपये सालाना तक की राहत मिल सकती है। अमृतसर एयरपोर्ट से हर साल 10 लाख से ज्यादा लोग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में विदेश जाते हैं। एक भारतीय औसतन अपने टुअर पर एक से तीन लाख रुपए खर्च करता है। अगर पहले 5% के हिसाब से पांच हजार रुपए और 20% के मामलों में 20 हजार रुपए लगते तो बस 2 से 6 हजार रुपए ही कटेंगे। टीडीएस न कटवाने के लिए एप्लिकेशन की जरूरत नहीं : इस फैसले से अमृतसर के करीब 1-2 लाख लोगों को फायदा मिल सकता है। इसमें कम आय वाले सीनियर सिटीजन, एफडी/ब्याज औ मिडिल एज पर्सन शामिल हैं। यह बदलाव मुख्य रूप से उन लोगों को फायदा देगा जिनकी वार्षिक आय 3-7 लाख रुपए के दायरे में है और टैक्स जीरो बनता है। डिस्ट्रीब्यूटर पवन बंसल के अनुसार अमृतसर में हर साल औसतन 12 से 18 हजार माइक्रोवेव ओवन की सेल होती है। सरकार की ओर से कस्टम ड्यूटी कम किए जाने से इतने ही लोगों को फायदा इसका हो सकता है। दूसरी तरफ अगर सरकार की ओर से भारत को कंज्यूमर इलेक्ट्रानिक हब बनाने के लक्ष्य की बात करें तो अमृतसर में 570 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स और 30 से ज्यादा थोक विक्रेता हैं जो शहर में मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, रेफ्रिजरेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री करते हैं। भारत की कुल मार्केट के हिसाब से अमृतसर के सालाना इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार का देखा जाए तो यहां लगभग 60 से 90 करोड़ के बीच इलेक्ट्रानिक्स का कारोबार होता है। इसमें रिटेल और थोक दोनों चैनल शामिल हैं। अगर भारत इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बन पाया तो यह कारोबार 150 करोड़ रुपए तक जा सकता है। ईपीएफ अनिवार्य वेतन सीमा बढ़ाई : पंजाब में निजी सेक्टर के आकड़ों के अनुसार अमृतसर में 60 से 87 हजार ऐसे कर्मचारियों हैं, जिन पर ईपीएफ अनिवार्य वेतन सीमा 25 हजार करने का सीधा असर होगा। इससे 170 से 250 करोड़ सालाना अतिरिक्त बचत भविष्य निधि में जुड़ेगी। गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि कैंसर समेत 17 प्रमुख दवाओं की कस्टम ड्यूटी में पूरी छूट देने का काफी फायदा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत विदेश से कैंसर की दवाएं नहीं, बल्कि दवाओं का निर्माण करने के लिए साल्ट इंपोर्ट करता है, जबकि दवाएं यहीं पर फार्मा कंपनियां तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि कस्टम ड्यूटी से छूट मिलने से कैंसर और अन्य महंगी दवाएं अब आम आदमी की पहुंच में आ जाएंगी। सुरिंदर दुग्गल ने कहा कि 37 नई दवाओं एवं 13 नए कार्यक्रमों को शामिल करना रोगी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 5 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश से एक लाख विशिष्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। 1 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स के राष्ट्रीय नेटवर्क की घोषणा से भारत की वैश्विक क्लिनिकल रिसर्च में भागीदारी और मजबूत होगी। एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रखे : लघु उद्योग भारती के प्रधान अमित कपूर ने बताया कि जिले में एमएसएमई उद्योग से संबंधित 20 हजार इंडस्ट्री यूनिट रजिस्टर्ड हैं। सरकार के फैसले से व्यापारियों को भुगतान की अवधि में तेजी आएगी। फंडिंग आसान होगी। सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स 0.02% से 0.05% : अमृतसर जिले में डीमेट अकाउंट्स की संख्या 2010 में लगभग 41 हजार थी। जो कि बीते साल 2025 में बढ़कर साढ़े 3 लाख तक पहुंच चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक ये 9 हजार से ज्यादा एफएंडओ ट्रेडर्स हैं। हरेक को 5 हजार से लेकर 50 हजार तक का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इस कारण इनमें से कुछ एफएंडओ छोड़ देंगे। बैंकिंग सैक्टर के माहिर अवनीश खोसला ने कहा कि कपड़ा क्षेत्र के लिए पैकेज घोषित किया गया है जिससे अमृतसर के व्यापारी को भी लाभ मिल सकता है। निगमों को 100 करोड़ रुपए तक के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की योजना एक अच्छी पहल है। अमृतसर के युवा भारत में पर्यटक गाइडों के लिए शुरू किए गए 12 सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठा सकते हैं।


