लापरवाही का गड्ढा…युवक की मौत का जिम्मेदार कौन?

भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर में रविवार रात होशियारपुर जंडू सिंघा रोड पर बीच सड़क खोदे गए 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से हुई युवक की मौत ने कई सवाल कर दिए हैं। अंधेरे के कारण एक बाइक सवार युवक निर्माणाधीन पुल के पास खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरा और घंटों तड़पता रहा। जिस गड्ढे में युवक गिरा, उसके आसपास किसी प्रकार की बैरिकेडिंग, लाइटिंग का इंतजाम नहीं किया गया था। बीच सड़क खोदे गए इस गड्ढे को सिर्फ प​ट्टियों से चारों से घेर दिया गया था। सड़क के किनारे से ट्रैफिक बदस्तूर जारी ​रहा, इसके बावजूद ​सुरक्षा का ध्यान नहीं ​दिया गया। पुलिस का कहना है कि निर्माण कंपनी की भूमिका, सुरक्षा इंतजामों की स्थिति दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है। पर बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ पोस्टमार्टम और कागजी कार्रवाई से न्याय हो जाएगा? सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक निगरानी और मानवीय संवेदनाओं की जिम्मेदारी किसकी है? अब देखना यह है कि इस मौत के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कंपनी ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। मिट्टी के ढेर लगाकर खानापूर्ति की गई, लेकिन कोई ठोस बैरिकेड या अच्छे चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए। अंधेरे में तेज रफ्तार बाइक सीधे मौत के गड्ढे में समा गई। सवाल जो जवाब मांगते हैं… { जब सड़क के बीच 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, तो सुरक्षा इंतजाम कहां थे? { इतने गहरे और बड़े गड्ढे की परमिशन कहां से ली गई, बाद में चेक क्यों नहीं किया गया? रात में स्ट्रीट लाइट या अस्थायी रोशनी क्यों नहीं लगाई गई? { रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग और डायवर्जन बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए? { निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारी किस आधार पर साइट को सुरक्षित मान रहे थे?

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