मकर संक्रांति का स्नान पर्व 14 जनवरी को होना है। इसके लिए शिप्रा में नर्मदा का साफ पानी लिया जा रहा है। शुक्रवार तक नर्मदा का पानी शिप्रा के लालपुल से भूखी माता घाट की तरफ बढ़ रहा था। शिप्रा किनारे कई स्थानों पर घाटों के नए निर्माण चल रहे हैं। ऐसे में इस बार पाइपलाइन से त्रिवेणी की नागफनी की बजाय गऊघाट से शिप्रा में नर्मदा का पानी छोड़ा जा रहा है। दो-तीन दिन में यह आगे बहता हुआ अब लालपुल से भी आगे बढ़ रहा है। हालांकि लालपुल पर मिट्टी का डेम बना होने से यह पानी उसके बीच में लगे दो पाइप से होकर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। पानी शनिवार तक रामघाट पहुंच जाएगा। पीएचई की टीम इस पर लगातार नजर रख रही है, ताकि एक निर्धारित लेवल तक ही जलभराव किया जा सके। चूंकि सर्वाधिक श्रद्धालु स्नान के लिए रामघाट पर पहुंचेंगे। ऐसे में इस घाट पर ही ज्यादा पानी एकत्रित किया जाएगा। इससे पहले रामघाट के दूषित पानी को आगे बहा दिया गया है। ताकि आने वाला साफ पानी दूषित न हो। पीएचई के उपयंत्री संतोष दायमा ने बताया कि नर्मदा का पानी लगातार शिप्रा में आ रहा है। रामघाट पर प्लेट लगाकर स्नान के लिए इसे रोका जाएगा।


