ब्रिटेन के शहर लीसेस्टर की राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं के लिए नई राह बनाने वाली मंजुला सूद का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही लेबर पार्टी और लेस्टर के सामाजिक-राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। मंजुला सूद का जन्म लुधियाना में हुआ था और वे भारतीय मूल की उन गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल रहीं, जिन्होंने ब्रिटेन की राजनीति और समाज सेवा में अहम पहचान बनाई। मंजुला सूद लीसेस्टर की पहली महिला लॉर्ड मेयरों में से एक रहीं। सामुदायिक सेवा और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा एमबीई (मेंबर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर) सम्मान से भी नवाजा गया था। 2008 में लीसेस्टर यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टरेट ऑफ लॉज़ की उपाधि से भी सम्मानित किया था। 1970 में पंजाब से ब्रिटेन पहुंचीं मंजूला की वेबसाइट पर दिए शोक संदेश में कहा गया कि वह एक समर्पित समाजसेवी होने के साथ-साथ एक स्नेही मां और दादी भी थीं। परिवार ने इस समय निजता बनाए रखने की अपील की है और बताया है कि स्मृति सभा की जानकारी बाद में साझा की जाएगी।


